सामने नजर आने वाली ये कोई मछली नहीं है, बल्कि यह एक रोबोट है. यह देखने में एकदम असली मछली जैसी लगती है और पानी में भी तैर सकती है. इस रोबोटिक मछली को भारत के पड़ोसी देश चीन की कंपनी ने तैयार किया है, जिसका नाम फुलडेप्थ है. कंपनी ने इस मछली रोबोट को अंडरवॉटर ROVs (Remotely Operated Vehicles) बताया है.
देखने में यह रोबोटिक मछली असल में जिंदा अरोवाना यानी ड्रैगन फिश जैसी लगती है. कंपनी ने इसको पालने के उद्देश्य से तैयार की गई है. अरोवाना, असल में एक महंगी और एक्वेरियम में रखने व काफी देखभाल करने वाली मछली होती है.
कैसी है रोबोटिक मछली
- साइज: 69 सेंटीमीटर लंबी
- ऊंचाई: 20 सेंटीमीटर ऊंची
- वजनः 3.8 किलोग्राम
असली मछली जैसा है रोबोटिक मछली का शरीर
रोबोटिक मछली का पूरा शरीर सॉफ्ट और काफी लचीला है, जिसको सिलिकॉन से तैयार किया गया है. इसमें इंटीग्रटेड मोल्डिंग और मैटेलिक कोटिंग की गई है, जिसकी मदद से असली अरोवाना के जैसी चमकदार स्केल्स होती हैं. इसको गोल्डन और रेड कलर में पेश किया है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया है कि रोबोटिक मछली के कलर को कस्टमाइज भी किया जा सकेगा.
कंपनी ने बताया है कि जब यह असली मछलियों के बीच में रोबोटिक मछली तैरती है, तो रोबोटिक मछली को पहचानना मुश्किल हो जाता है.
सॉफ्ट बॉडी प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
कंपनी ने इसमें प्रोपेलर की जगह पर बायोनिक सॉफ्ट बॉडी प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. इस टेक्नोलॉजी की बदौलत यह तैरते हुए चल सकती है. यह पानी में 1.9 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से तैर सकती है.
सिंगल चार्ज में 12 घंटे तैर सकती है
चीनी कंपनी ने इसमें लीथियम बैटरी का इस्तेमाल किया है, जो एक बार चार्ज करने के बाद करीब 10-12 घंटे तक तैर सकती है. इसमें वायरलेस इंडक्टिव चार्जिंग प्लेटफॉर्म मिलता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें फिश न्यूरो-ड्राइव मॉडल नाम का सिस्टम इस्तेमाल किया है. इसमें AI एल्गोरिदम और हाई-प्रिसिजन एटीट्यूड एवं सेंसर कंट्रोल का इस्तेमाल किया है. यह नेचुरल तरीके से तैरने का काम करता है.
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