नेपाल बाढ़ में अभी भी 275 से ज्यादा भारतीय लापता, 108 का रेस्क्यू, टनल रेस्क्यू में जुटी भारतीय टीमें – nepal flash floods indians missing rescued iaf relief jaishankar ntc apdy


 नेपाल-तिब्बत सीमा पर चार दिन पहले आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद 275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता हैं, जबकि 108 अन्य को बचा लिया गया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय मूल के 128 लोग भी संपर्क में नहीं हैं.

MEA ने बताया कि पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं. वहीं, करीब 900 भारतीय अभी भी चीन की तरफ हैं, लेकिन वे सुरक्षित हैं और उनसे संपर्क किया जा सकता है.

देर रात नई दिल्ली ने भारतीय वायुसेना के C-130J सैन्य परिवहन विमान से 11 टन राहत सामग्री की चौथी खेप नेपाल भेजी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि विमान में खोज और बचाव अभियान के लिए उपकरणों के साथ एक तकनीकी दल और DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी भेजी गई है.

 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके

फोरेंसिक टीम बुधवार को आई फ्लैश फ्लड में मारे गए लोगों के शवों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी. इसके अलावा 230 फुट लंबे ‘सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज’ के उपकरणों से लदे 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं. जयशंकर ने बताया कि सात और बैली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण जल्द भेजे जाएंगे. इन्हें लगाने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द पहुंचने की उम्मीद है.भारत अब तक नेपाल को कुल 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है.

108 भारतीय नागरिकों को बचाया गया

MEA ने लापता और बचाए गए भारतीयों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब तक नेपाल में 108 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है और पहले संपर्क से बाहर रहे करीब 50 भारतीयों से दोबारा संपर्क हो गया है. चीन के स्थानीय सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल पहुंचे हैं. करीब 900 भारतीय अभी भी चीन की तरफ हैं, लेकिन सुरक्षित हैं और उनसे संपर्क किया जा सकता है. वहीं, 275 से ज्यादा भारतीय नागरिक और 128 भारतीय मूल के लोग अब भी लापता या संपर्क से बाहर हैं.

MEA ने बताया कि चार भारतीय नागरिक-रिपु कुमार, चनेश्वर नरजारी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिनहाजुद्दीन को रसुवा में एक जलविद्युत परियोजना से बचाया गया है. इनके जल्द काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है. रसुवा बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल था. नेपाल में बुधवार को आई फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या 675 पहुंच गई है. नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, शव मिलने का सिलसिला जारी है और खोज एवं बचाव अभियान भी जारी है.

 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम 

MEA ने कहा कि नेपाल और चीन दोनों तरफ फ्लैश फ्लड से कई भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं. ऐसे में भारत सरकार प्रभावित लोगों को जल्द बचाने और राहत पहुंचाने के लिए नेपाली और चीनी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है. विदेश मंत्रालय में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसके अलावा नेपाल के काठमांडू और चीन के बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में अलग-अलग हेल्पलाइन शुरू की गई हैं.

यह भी पढ़ें: शोक में डूबे नेपाल को फिलहाल राहत, चीन बॉर्डर के पास बनी झील फटने का खतरा टला

काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय मिशन भारतीय नागरिकों से जुड़े खोज, बचाव और राहत अभियानों के बेहतर समन्वय के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं. मिशनों ने बचाए गए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के साथ जरूरत पड़ने पर उनकी भारत वापसी में भी मदद की है. इसके अलावा कैलाश मानसरोवर यात्रा से नेपाल के रास्ते लौट रहे भारतीय नागरिकों के आवागमन की निगरानी और सुविधा भी दी जा रही है.

सुरंग बचाव के काम में मदद शुरू 

नेपाल को भारत की मदद के तहत सुरंगों की जांच और बचाव के लिए एक विशेष तकनीकी टीम भी भेजी गई है. MEA के मुताबिक, टीम ने आज से प्रभावित इलाके में सुरंग बचाव के काम में मदद शुरू कर दी है. टीम की सिफारिश के आधार पर उपकरणों के साथ भारत की एक विशेष सुरंग बचाव टीम के आज नेपाल पहुंचने की उम्मीद है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *