सिंधु जल संधि पर PAK की भारत को चेतावनी, बोला-पानी रोका गया तो क्षेत्रीय शांति पर पड़ेगा असर – Indus waters treaty pakistan warns any water deprivation risks regional peace DEPUTY PM ISHAQ DAR


पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को चेतावनी दी है. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि अगर पाकिस्तान को संधि के तहत मिलने वाला पानी रोकने की कोशिश की गई तो इसका क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है. 

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल भारत और पाकिस्तान के बीच का मामला नहीं है. यह अंतरराष्ट्रीय समझौतों और अंतरराष्ट्रीय कानून में भरोसे से भी जुड़ा है.

इशाक डार ने शुक्रवार को वॉशिंगटन में पाकिस्तान दूतावास की ओर से आयोजित एक सेमिनार को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया. सेमिनार का विषय ‘द सिंधु वाटर्स ट्रीटी: साउथ एशियन सिक्योरिटी एट द क्रॉसरोड्स’ था. इसी दौरान उन्होंने पाकिस्तान का पक्ष रखा.

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डार बोले-संधि के तहत ही विवाद सुलझाएं

डार ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की है. संधि में दिए गए प्रावधानों के तहत ही मतभेदों का समाधान होना चाहिए.

उन्होंने दावा किया कि कोई भी देश एकतरफा राजनीतिक घोषणा के जरिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किए गए दायित्वों को खत्म नहीं कर सकता. डार ने कहा कि संधि में किसी भी पक्ष को इसे एकतरफा तरीके से निलंबित करने या स्थगित करने की इजाजत नहीं है.

मालूम हो, सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई थी. विश्व बैंक की मध्यस्थता में इस समझौते पर दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए थे. संधि के तहत सिंधु नदी तंत्र की छह नदियों के पानी के बंटवारे की व्यवस्था की गई.

समझौते के तहत तीन पूर्वी नदियों का पानी भारत के लिए तय किया गया. इनमें रावी, ब्यास और सतलुज शामिल हैं. वहीं तीन पश्चिमी नदियां पाकिस्तान के हिस्से में गईं. इनमें सिंधु, झेलम और चिनाब शामिल हैं.

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अप्रैल 2025 से भारत ने संधि रखी है स्थगित

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को अबेअंस में रखने का फैसला किया था. यानी भारत ने संधि को फिलहाल स्थगित रखा है.

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था. इसके एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे. भारत ने कहा है कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद को लगातार समर्थन दिए जाने के कारण सिंधु जल संधि को स्थगित रखा गया है.

इस पर इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था सिंधु नदी तंत्र पर काफी निर्भर है. देश की खेती, खाद्य सुरक्षा, बिजली उत्पादन और लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी है. सिंधु बेसिन 25 करोड़ से ज्यादा पाकिस्तानियों के लिए जीवनरेखा है. इसलिए पानी का मुद्दा पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

डार ने जलवायु परिवर्तन को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले से ही दुनिया के सबसे ज्यादा जल संकट वाले देशों में शामिल है. मौसम में बदलाव के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो रही है. उन्होंने बदलते बारिश के पैटर्न, ग्लेशियरों के पीछे हटने, बाढ़ और सूखे का जिक्र किया. उनके मुताबिक पानी के बहाव में लगातार बदलाव हो रहा है.

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डार ने कहा कि अगर पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के तहत तय पानी से वंचित करने की कोशिश की गई तो इसके क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर गंभीर परिणाम होंगे. हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि संधि को स्थगित रखने का फैसला पहलगाम आतंकी हमले और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे से जुड़ा है.

 

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