एक ओर जहां देश के कुछ हिस्सों में मंदिरों के चढ़ावे से जुड़ी खबरें लोगों की आस्था को झकझोर देती हैं, वहीं बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में शिवभक्तों की अटूट आस्था की एक बेहद भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई है. तमिलनाडु से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने आईं एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी पूरी संपत्ति और ममता बाबा के चरणों में समर्पित कर दी है.
महिला ने अपने दो दिवंगत बेटों की स्मृति और उनकी आत्मिक शांति के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन को कुल 3 करोड़ 50 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि दान में दी है.
दक्षिण भारत के तमिलनाडु की रहने वाली यह बुजुर्ग महिला एक बड़े कारोबारी घराने से ताल्लुक रखती हैं. अपने पति और दोनों बेटों को खोने के बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन ईश्वर की भक्ति और जनसेवा में समर्पित कर दिया है. बेहद सादगी के साथ काशी पहुंचीं इस बुजुर्ग महिला ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया और फिर वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम से मुलाकात कर उन्हें साढ़े तीन करोड़ रुपये का चेक सौंपा.
दान का पूरा ब्यौरा: कहा खर्च होगी यह राशि?
महिला ने इस बड़ी दान राशि का वितरण बेहद सुविचारित तरीके से किया है, ताकि जरूरतमंदों को भोजन और बाबा की सेवा अनवरत चलती रहे.₹2 करोड़ की राशि सीधे बाबा विश्वनाथ के चढ़ावे (मंदिर के विकास कार्यों) के लिए दी गई है. वहीं ₹1 करोड़ अन्नदान के लिए दिए गए हैं. इसके तहत दोनों बेटों के नाम पर 50-50 लाख रुपये सुरक्षित किए गए हैं, जिससे अगले एक वर्ष तक मंदिर के अन्न क्षेत्र में श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन कराया जा सके.
इसके अलावा अपने दोनों बेटों के नाम से अगले 25 वर्षों तक हर साल रुद्राभिषेक पूजन आयोजित कराने के लिए उन्होंने प्रतिवर्ष 25-25 हजार रुपये की विशेष व्यवस्था की है.
भव्य कॉरिडोर बनने के बाद बढ़ा चढ़ावा
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के भव्य कॉरिडोर के निर्माण के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और चढ़ावे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. देश-विदेश के आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ बड़े उद्योगपति भी यहां लगातार दान कर रहे हैं. हाल ही में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने भी बाबा के दरबार में 1 करोड़ रुपये का चेक दान स्वरूप अर्पित किया था.
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