अल्मोड़ा मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज लोधिया में बुधवार को बड़ा हादसा होने से टल गया. स्टाफ रूम में कार्य कर रहे एक शिक्षक उस समय बाल बाल बचे जब स्कूल की छत से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा उनकी कुर्सी पर आ गिरा. गनीमत यह रही कि शिक्षक उस समय कुर्सी पर नहीं बैठे थे बगल में ही थे.
प्लास्टर की चपेट में आने से शिक्षक बाल-बाल बच गए. घटना के बाद से छात्रों और शिक्षकों में भय का माहौल बना हुआ है. बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक बन चुके स्कूल को जल्द ठीक करने की मांग होने लगी है. जिलाधिकारी अल्मोड़ा अंशुल सिंह ने नए भवन के निर्माण में होने वाली प्रकिया के आदेश दे दिए है.
जानकारी के मुताबिक बुधवार को स्कूल की मुख्य बिल्डिंग स्थित स्टाफ रूम में शिक्षक अपना कार्य कर रहे थे. इसी दौरान एक शिक्षक कुर्सी से उठकर खिड़की खोलने के लिए गए. उनके उठने के कुछ ही देर बाद बारिश के कारण खतरनाक हो चुकी छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर उसी कुर्सी पर जा गिरा, जिस पर कुछ देर पहले शिक्षक बैठकर अपना काम कर रहे थे. गनीमत रही कि प्लास्टर शिक्षक के ऊपर नहीं गिरा और वह बाल-बाल बच गए.
घटना के बाद स्टाफ रूम में मौजूद शिक्षक कुछ देर के लिए सन्न रह गए. स्कूल में हुई इस घटना ने छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खंडहरनुमा हो चुके इस सरकारी स्कूल में जर्जर भवनों के बीच छात्र और शिक्षक अपनी जान जोखिम में डालकर बैठने को मजबूर हैं.
अभिभावकों का सवाल है कि आखिर कब तक उनके पाल्य और शिक्षक इन जर्जर छतों के नीचे रहने को मजबूर रहेंगे. अभिभावकों ने प्रशासन से जर्जर हो चुकी बिल्डिंगों की मरम्मत कराने के साथ ही स्कूल के संचालन के लिए अस्थायी तौर पर शिफ्टिंग की व्यवस्था किए जाने की दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है.
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