‘भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ…’, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बहाने अखिलेश यादव ने किया तंज – Remove BJP save Sanatan Akhilesh Yadav takes swipe using Swami Avimukteshwaranand as trigger lclnt


समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा निशाना साधते हुए कहा है कि ‘भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ.’ उन्होंने आरोप लगाया कि सच्चे संतों का अपमान कर भाजपा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे अपने राजनीतिक और आर्थिक हितों के अलावा किसी की परवाह नहीं है. हालांकि अखिलेश ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बहाने भाजपा पर निशाना साधा.

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की यह पुरानी कार्यशैली रही है कि जो भी उसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसे झूठे आरोपों से डराने, दबाने और खत्म करने की कोशिश की जाती है. उन्होंने भाजपा और उससे जुड़े लोगों पर हमला बोलते हुए कहा कि यह एक ‘नकारात्मक आपराधिक त्रिगुट’ की तरह काम कर रहे हैं, जिनका मकसद सिर्फ सत्ता हासिल कर धन कमाना है.

सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि भाजपा खेमे के भीतर आपसी खटपट की आवाजें अक्सर बाहर सुनाई देती हैं. उनके इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है.

अखिलेश यादव ने क्या किया पोस्ट?
अखिलेश ने X पर पोस्ट किया, ‘भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ! सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर साबित कर दिया है कि सिवाय अपनी पैसों की भूख और ख़ुदगर्ज़ी के, वो किसी की भी सगी नहीं है. भाजपाई की ये पुरानी ‘कु-कार्यशैली’ है कि जो भी भाजपाइयों के ज़ुल्म, ज़्यादती और जुर्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, उसे भाजपाई झूठे आरोपों से धमकाने, दबाने, मिटाने की साज़िश करते हैं. 

भ्रष्ट-भाजपाई, उनके मुख़बिर संगी-साथी और सत्ता सजातीय वाहिनी की ‘बिगड़ी-तिकड़ी’ नकारात्मकता का आपराधिक त्रिगुट है, जिसका मंसूबा धन-कमाने के लिए सत्ता हासिल करना है. ये सब के सब अपने-अपने स्वार्थ के लिए एक अड्डे पर इकट्ठा हैं वैसे ये एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते हैं. इनकी आपसी खटपट की भूमिगत आवाज़ें अक्सर बाहर सुनाई दे जाती हैं.

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