अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों के बाद इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके पास से लाखों रुपये की बरामदगी के बाद जांच तेज कर दी है.
इस बीच, अयोध्या से पूर्व सांसद और फायरब्रांड हिंदूवादी बीजेपी नेता विनय कटियार ने राम मंदिर में चढ़ावे में हुई कथित चोरी पर राममंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
विनय कटियार ने कहा कि वह जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करेंगे क्योंकि चंपत राय कई बार चढ़ावे को लेकर अपने निवास, कारसेवकपुरम गए थे और यह अपराध है. मंदिर में चढ़ने वाला पैसा मंदिर में ही गिना जाता है और वहीं से बैंक भेजा जाता है, लेकिन इसे निवास स्थान पर क्यों ले जाया गया, यह बड़ा सवाल है.
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उन्होंने बताया कि जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने चंपत राय से पूछा भी था, जिस पर दोनों के बीच बहस हुई थी.
कटियार ने कहा कि प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में एसआईटी गठित की गई है और अब दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा क्योंकि प्रधानमंत्री खुद इस पर नजर रख रहे हैं.
विनय कटियार ने साफ कहा कि चंपत राय को बर्खास्त करना ही पड़ेगा क्योंकि मंदिर का चढ़ावा निवास स्थान पर ले जाना अपराध है और इसका जवाब उन्हें देना होगा.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में होती है और वहीं से पैसा सीधे बैंक में जमा होता है. हर दिन लाखों-करोड़ों का चढ़ावा आता है, ऐसे में इसे मंदिर से निकालकर निवास स्थान पर ले जाना अपराध है.
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