विदेशी सर्वर को मिलेगी टक्कर, Zoho ने लॉन्च किया स्वदेशी सर्वर Nathu La, पीएम मोदी ने की तारीफ – zoho nathu la server ai warning sridhar vembu made in india ttecm


मैसेजिंग ऐप Arattai बनाने वाली स्वदेशी कंपनी Zoho ने ‘Nathu La’ नाम का एक नया सर्वर पेश किया है, जिसे लेकर टेक और पॉलिसी दोनों सर्कल में हलचल है. यह लॉन्च ऐसे समय पर हुआ है जब दुनिया भर में AI को लेकर होड़ तेज है और हर देश अपनी तकनीकी क्षमता बढ़ाने में लगा है.

भारत भी इस रेस में पीछे नहीं रहना चाहता, लेकिन अब तक सबसे बड़ी कमजोरी यही रही है कि देश को अपने AI सिस्टम चलाने के लिए विदेशी सर्वर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर रहना पड़ता है.

Zoho के फाउंडर श्रीधर वेम्बु पिछले कुछ समय से AI पर ज्यादा निर्भर होने के खतरों को लेकर खुलकर बात कर रहे हैं. हाल ही में UC Berkeley जैसे संस्थानों में कंप्यूटर साइंस के छात्रों के रिजल्ट और सीखने की क्षमता को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी थी. वेम्बु का कहना है कि छात्रों को AI पर ज्यादा भरोसा करने से पहले अपनी बेसिक समझ मजबूत करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि AI आपको तेजी से स्मार्ट बना सकता है, लेकिन उतनी ही तेजी से आपको कमजोर भी बना सकता है. उनका मानना है कि अगर छात्र हर चीज के लिए AI पर निर्भर हो जाएंगे, तो उनकी सोचने और खुद समस्या सुलझाने की क्षमता कमजोर हो सकती है. 

पीएम मोदी ने पीएमओ ऑफिशियल अकाउंट से इसे शेयर भी किया है.

वेम्बु ने यह भी कहा कि कई मामलों में छात्र AI से बेहतर सीख नहीं रहे, बल्कि उस पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हो रहे हैं. उनके मुताबिक AI एक सहारा बन सकता है, लेकिन अगर उसी पर पूरी तरह टिक गए तो यह आदत बन जाती है.

पहला इन हाउस सर्वर Nathu La

Zoho ने टेक्नोलॉजी के हार्डवेयर क्षेत्र में कदम रखते हुए अपना पहला इन-हाउस सर्वर प्लेटफॉर्म ‘Nathu La’ लॉन्च किया है. कंपनी का कहना है कि यह सर्वर खास तौर पर AI और क्लाउड से जुड़े काम के लिए बनाया गया है. चेन्नई स्थित कंपनी के मुताबिक इससे इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च कम होगा, बिजली की खपत घटेगी और टेक्नोलॉजी पर कंपनी का कंट्रोल भी बढ़ेगा.

इस सर्वर को नागपुर में Zoho की इंजीनियरिंग टीम ने Intel के साथ मिलकर तैयार किया है. इसमें Intel Xeon 6 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है और इसे कंपनी अपने डेटा सेंटर में इस्तेमाल करेगी.

कम बिजली की खपत

Zoho का दावा है कि यह सिस्टम लगभग वही परफॉर्मेंस देता है, लेकिन बिजली की खपत 12 से 18 प्रतिशत तक कम कर देता है और कुल खर्च में 20 से 30 प्रतिशत तक की बचत कर सकता है.

कंपनी के मुताबिक AI से जुड़े बढ़ते खर्च ही इस फैसले की बड़ी वजह हैं. Zoho पहले से दुनिया भर में 150 मिलियन से ज्यादा यूजर्स को सेवा दे रहा है और उसके 16 से ज्यादा डेटा सेंटर हैं. ऐसे में AI इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च तेजी से बढ़ रहा है. कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में वही सर्वर सेटअप अब 3 से 4 गुना महंगा हो चुका है.

Zoho फिलहाल इस सर्वर को बाजार में बेचने की योजना नहीं बना रहा है. कंपनी इसे अपने ही काम के लिए इस्तेमाल कर रही है और धीरे-धीरे अपने सिस्टम में लागू कर रही है. अभी कुछ सौ Nathu La सर्वर इस्तेमाल में हैं और उम्मीद है कि साल के अंत तक इनकी संख्या करीब 2000 तक पहुंच सकती है.

श्रीधर वेम्बु ने सोशल मीडिया पर भी बताया कि इस सर्वर को बनाने में कई साल की मेहनत लगी है. नागपुर की R&D टीम ने इस पर काम किया और अब इसे दुनिया भर के Zoho डेटा सेंटर में इस्तेमाल किया जाएगा. उनका कहना है कि इससे कंपनी को बिजली और पैसे दोनों की बचत होगी, और आगे पूरा सॉफ्टवेयर सिस्टम और ज्यादा कुशल बनाया जाएगा.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *