वेनेजुएला में भूकंप से हुई तबाही का मंजर साफ दिख रहा है. लगातार मृतकों का बढ़ता जा रहा है. अब तक इस कुदरती आपदा में 920 लोगों की मौत हो चुकी है. 3630 लोग जख्मी हैं. इनमें से कई का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है.
वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मृतकों की तादाद बढ़ने की पुष्टि करते बताया कि भयानंक भूकंप ने देश को झकझोर दिया. लगातार राहत ऑपरेशन चल रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों का भी कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.
इस हादसे में सैकड़ों लोगों ने अपनों को दिखा.इनमें से कुछ लोग अभी मलबे में अपनों की तलाश कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि मलबे में अभी भी कई लोग दबे हो सकते हैं. उन लोगों की तलाश में अभी भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है.
देश की इकोनॉमी को भी बड़ी चोट
अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप से सिर्फ जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि इसने देश की इकोनॉमी को भी बड़ी चोट दी है. आपदे में 7.5 अरब डॉलर से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हो सकता है, जो वेनेजुएला की जीडीपी का 7 फीसदी है.
भूकंप के झटकों से अस्पतालों और शॉपिंग सेंटरों समेत सैकड़ों इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं. माइक्वेटिया में सिमोन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. सुरक्षा और बचाव कर्मियों की तैनाती 4,200 से बढ़ाकर 11,500 कर दी गई है.
वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आया भारत
इस बीच वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है. भीषण तबाही और सैकड़ों मौतों के बीच भारत ने एकजुटता दिखाते हुए बड़ा मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मिशन शुरू किया, जिसे ‘ऑपरेशन अमिसताद’ नाम दिया गया है.
शुक्रवार सुबह भारतीय वायुसेना के दो विशालकाय सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों ने वेनेजुएला के लिए उड़ान भरी. इन विमानों के जरिए भारत ने राहत सामग्री की बड़ी खेप और 41 सदस्यीय विशेषज्ञ बचाव दल भेजा है, जो वहां जारी राहत और बचाव कार्यों में मदद करेगा.
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