जयपुर के विश्वकर्मा थाना क्षेत्र में सेल्स मैनेजर जितिन कुमार की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी, सास-ससुर और साले के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. जितिन ने 1 अगस्त को विश्वकर्मा क्षेत्र के मल्होत्रा नगर स्थित अपने किराए के फ्लैट में फंदा लगाकर आत्महत्या की थी. जितिन मूल रूप से श्रीगंगानगर के रहने वाले थे. वह पिछले करीब आठ महीने से जयपुर में रह रहे थे और इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में सेल्स मैनेजर के पद पर नौकरी कर रहे थे.
घटना के दिन सुबह करीब 9 बजे परिजनों ने जितिन को फोन किया. कई बार फोन करने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया. इसके बाद परिवार के लोगों ने उनके परिचितों से संपर्क किया और उन्हें फ्लैट पर भेजा. परिचित जब फ्लैट पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था. काफी देर तक अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुई. कमरे में जितिन का शव रस्सी के फंदे से लटका मिला.
कमरे की तलाशी में मिला चार पेज का सुसाइड नोट
घटना के बाद FSL टीम को मौके पर बुलाया गया. टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए. इसके बाद पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में कमरे की तलाशी ली. इसी दौरान पुलिस को चार पेज का सुसाइड नोट मिला. इस सुसाइड नोट को पुलिस ने जांच का महत्वपूर्ण आधार माना है. नोट में जितिन ने अपनी पत्नी, सास-ससुर और साले पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जितिन ने अपनी मौत के लिए इन्हीं लोगों को जिम्मेदार बताया है. सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने चारों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है. अब पुलिस इस नोट में लिखी बातों और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है.
थानाधिकारी रविंद्र सिंह नरुका के मुताबिक, जितिन की शादी करीब सात साल पहले पंजाब निवासी शेफाली से हुई थी. सुसाइड नोट में जितिन ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही उनकी पत्नी उनके सांवले रंग को लेकर तंज कसती थी. जितिन ने नोट में यह भी लिखा कि पत्नी उन पर अपने माता-पिता से अलग रहने का दबाव बनाती थी. पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. दोनों काफी समय से अलग रह रहे थे. जितिन के मुताबिक, पत्नी ने उनके परिवार के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था. इस वजह से वह लगातार मानसिक तनाव में थे. सुसाइड नोट में उन्होंने पारिवारिक विवाद और उससे पैदा हुए तनाव का जिक्र किया है.
बेटी से बात नहीं करने देने का भी आरोप
जितिन ने सुसाइड नोट में अपनी बेटी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उनके मुताबिक, पत्नी बेटी को लेकर मायके चली गई थी और उन्हें बेटी से बात तक नहीं करने दी जाती थी. नोट में जितिन ने आरोप लगाया कि बेटी से बात करवाने के बदले उनसे 20 लाख रुपये या मकान की मांग की जा रही थी. इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है. जितिन की मौत के बाद सामने आए चार पेज के नोट में पत्नी और उसके मायके पक्ष पर लगाए गए इन आरोपों की पुलिस अब जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुसाइड नोट में लिखी गई बातों और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है.
सुसाइड नोट में जितिन ने झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप भी लगाया है. उन्होंने लिखा कि परिवार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद वह लगातार मानसिक दबाव में थे. पुलिस के सामने अब कई बिंदु हैं, जिनकी जांच की जा रही है. इनमें पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद, दोनों का अलग रहना, बेटी से संपर्क को लेकर विवाद, 20 लाख रुपये या मकान की कथित मांग और झूठे केस में फंसाने का आरोप शामिल है. पुलिस ने इन सभी आरोपों को जांच का हिस्सा बनाया है.
चार लोगों के खिलाफ FIR, जांच जारी
विश्वकर्मा थाना पुलिस ने जितिन की पत्नी, सास, ससुर और साले के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज की है. पुलिस अब सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच कर रही है. जितिन की मौत के बाद कमरे से मिला चार पेज का नोट इस मामले में अहम माना जा रहा है. नोट में जितिन ने अपनी मौत के लिए जिन लोगों को जिम्मेदार बताया है, उनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है.
फिलहाल मामला आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप तक पहुंच गया है. पुलिस सुसाइड नोट में लिखे आरोपों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है. एक तरफ परिवार ने जितिन की मौत के बाद पुलिस को सूचना दी और घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद हुआ. दूसरी तरफ पुलिस ने नोट में लगाए गए आरोपों के आधार पर चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. जयपुर के इस मामले में अब पुलिस की जांच से यह सामने आएगा कि जितिन ने सुसाइड नोट में जिन आरोपों का जिक्र किया है, उनकी वास्तविकता क्या है और उनकी मौत के पीछे पारिवारिक विवाद की भूमिका कितनी थी.
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