अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान समझौता तो करना चाहता है, लेकिन वह अभी सही डील के लिए तैयार नहीं है. इसके साथ ही ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वाले पूरे इलाके पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण होने का दावा किया. वहीं, ईरान ने कहा है कि उसने दुश्मनों से निपटने के लिए एक मजबूत रक्षा कवच तैयार कर रखा है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘ईरान की इच्छा समझौते की जरूर है, लेकिन उनकी राय में वह किसी सही डील के लिए तैयार नहीं दिखता’. उन्होंने साफ किया कि अमेरिका फिलहाल इस पूरे टकराव पर नजर बनाए हुए है और देख रहा है कि आगे हालात क्या मोड़ लेते हैं.
होर्मुज पर पूरा नियंत्रण होने का दावा
ट्रंप ने होर्मुज को लेकर भी बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि ‘इस पूरे समुद्री क्षेत्र और उससे जुड़े जमीनी इलाकों पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है’. दुनिया भर के तेल कारोबार के लिए यह समुद्री रास्ता बेहद अहम माना जाता है, इसलिए ट्रंप के इस बयान के गहरे कूटनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.
ईरान की आर्थिक कंगाली पर कसा तंज
ट्रंप ने ईरान के हालत पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां पैसा पूरी तरह खत्म हो चुका है. उनका दावा है कि ईरान के पास न तो नौसेना बची है और न ही वायुसेना. हालात इतने खराब हैं कि वह अपने सैनिकों को वेतन तक नहीं दे पा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने ईरान में महंगाई 350 प्रतिशत तक पहुंचने का भी दावा किया.
ईरान ने बताया मजबूत रक्षा कवच
ट्रंप के बयानों के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रमुख अहमद वाहिदी ने अपनी रक्षा तैयारियों का भरोसा जताया. राष्ट्रीय रक्षा उद्योग दिवस पर उन्होंने कहा कि ईरान ने दुश्मनों के खतरों से बचने के लिए एक ठोस रक्षा कवच बना लिया है. वाहिदी के मुताबिक, कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद देश ने अपनी रक्षात्मक और आक्रामक ताकत को बढ़ाया है, जिससे वे किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
एक तरफ ट्रंप का दावा है कि ईरान अभी सही समझौते के मूड में नहीं है, तो दूसरी तरफ ईरान अपनी सैन्य ताकत दिखाकर कड़ा संदेश दे रहा है. दोनों देशों के इस रुख से साफ है कि बढ़ते तनाव के बीच समझौते की राह फिलहाल आसान नहीं दिख रही है.
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