ईरान की सरकार मीडिया ने बताया कि रविवार को होर्मुज में केशम द्वीप के पास एक ईरानी माहवाहक जहाज पर हमला हुआ है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए. ईरानी सरकारी मीडिया ने केशम के गवर्नर के हवाले से इसके लिए एक आतंकवादी दुश्मन को जिम्मेदार ठहराया है.
इस घटना से रणनीतिक जलमार्ग में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. ये हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और क्षेत्र में शिपिंग ट्रैफिक को प्रबंधित करने के लिए ओमान में प्रस्तावित राजनयिक बैठक भी टाल दी है.
बंदर अब्बास बंदरगाह शहर से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित केशम द्वीप पर ईरान के नियंत्रण प्रयासों का अहम केंद्र है. हमले के बाद ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) ने स्थानीय गवर्नर का बयान जारी किया, जिसमें आतंकी दुश्मन पर निशाना साधा गया. हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से इस पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं आई जो ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के दौरान ईरानी जहाजों पर पहले भी हमले कर चुकी है.
‘ईरान नहीं करेगा सरेंडर’
इस हमले से कुछ घंटे पहले ईरानी ईरान सरकार का रुख सख्त बना हुआ था. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सोशल मीडिया पर अपने देश के दृढ़ रुख को दोहराया. उन्होंने एक्स पर लिखा कि हमारे लोगों को डरा-धमकाकर झुकाया नहीं जा सकता. ईरान कभी सरेंडर नहीं करेगा. ईरान ने साफ संकेत दिया कि वह अमेरिकी और इजरायली दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है.
‘डील के लिए फोन कर रहा है ईरान’
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयरलैंड के डूनबेग में गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान अलग ही रुख दिखाया. उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौते के लिए इतना उतावला है कि वो लगातार फोन कर रहे हैं. जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या अमेरिका ने रविवार तड़के जहाज पर हमला किया तो ट्रंप ने कहा कि वह कुछ नहीं कहना चाहते. इसके तुरंत बाद वह एयरफोर्स वन से वाशिंगटन लौट गए.
ओमान में प्रस्तावित बैठक टली
ईरान और ओमान जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए सोमवार को क्षेत्रीय विदेश मंत्रियों की बैठक होने वाली थी, लेकिन ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने एक्स पर बताया कि सर्वसम्मति के हित में बैठक स्थगित कर दी गई है. बैठक टलने से पहले केवल इराक ने आने की पुष्टि की थी, जबकि बहरीन ने राजनयिक संबंध न होने का हवाला देकर बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था.
इसी बीच यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने रविवार को जानकारी दी कि जलडमरूमध्य से गुजरते वक्त एक जहाज पर किसी प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट जैसी वस्तु) से हमला हुआ. हालांकि, ये स्पष्ट नहीं था कि क्या ये हमला केशम के पास ईरान द्वारा बताए गए हमले के बारे में ही था. हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गई और स्थानीय अधिकारी उस पर सवार लोगों को बाहर निकालने में जुट गए. दूसरी तरफ अमेरिका ने दावा किया कि जहाजों को ओमान तट से रास्ता दिखाकर तेल की निकासी जारी रखी गई है.
क्या है ईरान की शर्त
दरअसल, युद्ध की शुरुआत से ही ईरान ने मांग रखी है कि जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ट्रांजिट फीस देनी होगी. तेहरान की योजना के अनुसार, फारस की खाड़ी में एंट्री करने वाला ट्रैफिक ईरानी जलक्षेत्र से गुजरेगा.
वहीं, खाड़ी से बाहर जाने वाला ट्रैफिक आंशिक रूप से ईरान और आंशिक रूप से ओमान के जलक्षेत्र से होकर गुजरेगा. इस व्यवस्था को लेकर क्षेत्रीय देशों में बातचीत चल रही थी.
UAE से अच्छी बातचीत: पेजेशकियान
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने ईरानी सरकारी टीवी पर बताया कि नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर उनकी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद से अच्छी बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि अतीत को पीछे छोड़कर भविष्य के निर्माण और चिंताओं को दूर करने पर चर्चा की गई है. इसके बावजूद केशम के पास हमले और बैठक टलने से तनाव बरकरार है.
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