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कन्नौज के इत्र से महक रही दुनिया, कैसे ODOP से परफ्यूम के कारोबार में लगे चार चांद – up odop scheme boosts kannauj perfume industry global market ntc ntyv utrarh


उत्तर प्रदेश के कन्नौज का इत्र अपनी महक से पूरी दुनिया को महका रहा है. अपनी सदियों पुरानी पहचान और बेमिसाल खुशबू के दम पर यह इत्र आज देश-विदेश के बाजारों में अपनी अलग ही छाप छोड़ रहा है. योगी सरकार की ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) योजना ने इस पारंपरिक उद्योग को एक नया पंख दिया है.

सरकार की इस योजना के माध्यम से कन्नौज में इत्र के नए व छोटे उद्यमियों को अपनी पहचान बनाने और व्यापार विस्तार में सीधे मदद मिल रही है. अब तक जिले में 43 महिलाओं समेत कुल 143 कारोबारी इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं, जिन्हें कुल 94.99 लाख रुपये की मार्जिन मनी का अनुदान मिला है. योजना के अंतर्गत आसान बैंक लोन, प्रशिक्षण, टूलकिट और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में कम लागत पर स्टॉल उपलब्ध कराकर कारोबारियों को बढ़ावा दिया जा रहा है.

कन्नौज के इत्र की गल्फ देशों में भारी मांग

कन्नौज का इत्र उद्योग सदियों पुराना है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष खुशबू के लिए जाना जाता है. यहां प्राकृतिक फूलों, वनस्पतियों, जड़ी-बूटियों के साथ-साथ मिट्टी से बने गुलाब, बेला, खस, मेहंदी, शामांमा, अगर और ऊद के इत्र की गल्फ कंट्रीज समेत कई देशों के बाजारों में भारी मांग रहती है. ओडीओपी योजना के माध्यम से अब प्राकृतिक उत्पादों से तैयार इस इत्र को बिना किसी जोखिम के सीधे देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है.

लाभार्थियों को मिला मुफ्त प्रशिक्षण

ओडीओपी योजना के तहत इत्र और अगरबत्ती निर्माण का कौशल विकसित करने के लिए अब तक करीब 1275 लाभार्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. जिला प्रशासन की ओर से इन सभी प्रशिक्षित लोगों को टूलकिट भी बांटी गई हैं. इस प्रशिक्षण और टूलकिट योजना का लाभ उठाने वालों में 544 महिलाएं भी शामिल हैं, जो अब आत्मनिर्भर बनकर इस पारंपरिक उद्योग से जुड़ रही हैं.

छोटे और मध्यम इत्र कारोबारियों को बड़े मेलों तथा प्रदर्शनियों में कम लागत पर स्टॉल उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे उन्हें अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर मिलते हैं. इससे उन्हें वैश्विक मार्केट में अपनी पहचान बनाने का बेहतर मौका मिलता है. साथ ही सरकार भी उनके प्रोडक्ट को प्रोत्साहन देती है जिससे नए इत्र कारोबारी को इससे बहुत फायदा मिलता है. उनमें व्यापार में जोखिम उठाने का डर नहीं रहता है.

ठठिया में बना अत्याधुनिक इत्र पार्क

प्रदेश व अन्य राज्यों के मेलों में 17 कारोबारियों (जिनमें 7 ओडीओपी की महिला उद्यमी शामिल हैं) को भाग लेने का अवसर दिया गया. इसके अलावा इत्र कारोबार के आधुनिकीकरण के लिए कन्नौज के ठठिया कस्बे में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के किनारे विशेष ‘इत्र पार्क’ (Perfume Park) का निर्माण किया गया है, जहां उद्यमियों को यूनिट लगाने के लिए जगह मुहैया कराई जा रही है.

ODOP योजना से व्यापार को मिला बड़ा आर्थिक लाभ

ओडीओपी का लाभ उठाने वाली एक मात्र इत्र उद्यमी नीरजा का कहना है कि ये योजना पारंपरिक और नए कारोबारियों के लिए बहुत ही सकारात्मक साबित हुई है. उन्होंने बताया कि लोन और सरकारी प्रदर्शनियों में स्टॉल मिलने से उनके कारोबार में काफी बढ़ोतरी हुई है. उनके साथ कई अन्य महिलाएं भी काम कर रही हैं. नीरजा का कहना है कि वह चाहती हैं कि इस व्यापार में अधिक से अधिक बेटियां और बहनें आगे आकर आर्थिक रूप से सबल बनें.

आय में 30 फीसदी की सीधी बढ़ोतरी

इत्र कारोबारी अभिनय गुप्ता ने बताया कि कन्नौज में करीब ढाई से तीन हजार लोग इस कारोबार से जुड़े हैं. उन्होंने 5 लाख रुपये का लोन लेकर काम शुरू किया था. पहले ये मुख्य रूप से कच्चे माल के रूप में बिकता था, लेकिन अब बेहतर पैकेजिंग और मार्केटिंग से इसे वैश्विक बाजार में नई पहचान मिल रही है. कोरोना के बाद सुस्त पड़े कारोबार के लिए ये योजना बूस्टर साबित हुई है और उनकी आय में सीधे 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.

प्रदर्शनियों से बढ़े रिटेल-होलसेल खरीदार

एक अन्य कारोबारी ब्रजेश कुशवाहा का कहना है कि ओडीओपी योजना का सबसे बड़ा फायदा ये है कि नेशनल और इंटरनेशनल मंचों पर अपने प्रोडक्ट डिस्प्ले करने का मौका मिलता है. इससे रिटेल और होलसेल के बड़े बायर्स मिलते हैं और उत्पाद की मांग बढ़ती है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार स्वयं विभिन्न अवसरों पर उपहार देने के लिए इन कारोबारियों से इत्र खरीदकर उन्हें प्रोत्साहित करती है, जिससे उत्पादन क्षमता में सुधार हुआ है और क्षमता भी बढ़ी है.

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