धधकती आग, जहरीली गैस और हुथी मिसाइलों का साया… अदन की खाड़ी में बहादुरी दिखाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित होंगे लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार – lieutenant commander shivam kumar shaurya chakra recommendation ins trikand lpg tanker rescue ntc agkp


लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार को भारतीय नौसेना की ओर से शौर्य चक्र के लिए सिफारिश की गई है. वे आईएनएस त्रिकांड पर एनबीसीडी अधिकारी के तौर पर तैनात थे. 18 अक्टूबर 2025 को अदन की खाड़ी में तैनाती के दौरान जहाज को एमटी फाल्कन नाम के एलपीजी टैंकर की मदद के लिए भेजा गया था. यह कैमरून के झंडे वाला जहाज हूती अटैक जोन से गुजरते समय भीषण धमाके और आग का शिकार हो गया था. हादसे में दो भारतीय क्रू मेंबर लापता हो गए थे और उनके जहाज में फंसे होने की आशंका जताई गई थी.

घटनास्थल पर पहुंचने पर हालात बेहद खतरनाक पाए गए. धमाके से क्षतिग्रस्त जहाज में आग लगातार एलपीजी लीक होने से भड़क रही थी, जिससे किसी भी वक्त दूसरा बड़ा धमाका होने का खतरा बना हुआ था. 

जहाज के अंदरूनी हिस्सों में जहरीली गैस, घना धुआं और तेज गर्मी फैली हुई थी, जहां जरा सी चिंगारी भी बड़ा हादसा कर सकती थी. साथ ही यह इलाका हूती अटैक जोन में होने के कारण दुश्मन के हमले का खतरा भी बना हुआ था. धमाके से जहाज के ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था और रास्ते मलबे से भरे हुए थे, जिससे किसी भी वक्त हादसा होने की आशंका थी.

यह भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दो कीर्ति चक्र, 10 शौर्य चक्र समेत कई जवानों को वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कार

इन खतरनाक हालात के बावजूद लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार ने खुद आगे बढ़कर रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली. वे बार बार जलते और गैस से भरे कंपार्टमेंट में घुसे और अपनी टीम को धुएं से भरे रास्तों से आगे ले गए. उन्होंने लगातार खतरों का आकलन करते हुए जरूरी फैसले लिए, जिससे मिशन को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सका. जहरीली गैस, तेज गर्मी और थकान के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी.

उन्होंने लापता क्रू मेंबर्स को खोजने के लिए बार बार अंदर जाकर तलाशी ली. आखिरकार उन्होंने खुद क्षतिग्रस्त हिस्सों से मृत क्रू मेंबर्स के शवों के अवशेष निकाले और उन्हें सम्मानपूर्वक बाहर लाया. उनकी इस बहादुरी और नेतृत्व क्षमता ने पूरे ऑपरेशन को सफल बनाया. नौसेना ने कहा है कि उनके इस साहसिक काम से भारतीय नौसेना की छवि दुनिया भर में और मजबूत हुई है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *