‘गुजारिश के बावजूद तोड़ा…’, PAK हाईकमीशन के सामने भारत ने एक्शन की वजह बताई – Indian High Commission in Pakistan demolition pakistan high commission in delhi mea reaction ntcppl


भारत के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भारत द्वारा की गई कार्रवाई की पूरी कहानी बताई है. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस्लामाबाद में हमारे अनुरोध के बावजूद पाकिस्तान ने इंडियन हाई कमीशन के सामने तोड़ फोड़ की. इसके बाद हमने उसी अनुरूप में प्रतिक्रिया दी. 

बता दें कि 20 अगस्त को भारत ने ‘जैसे को तैसा’ सिद्धांत को अपनाते हुए पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बने कुछ अवैध ढांचों को गिरा दिया. यह कदम पाकिस्तान द्वारा इस हफ़्ते इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के बाहर लगे पार्किंग पोल हटाने के बाद उठाया गया है. 

सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि ये ढांचे पाकिस्तान हाई कमीशन के लिए मंज़ूर सीमा से बाहर बने पाए गए थे, इसलिए इन्हें गिराया गया. 

संबंधित एजेंसियों ने JCB मशीन का इस्तेमाल करके यह कार्रवाई की. इस दौरान परिसर के बाहर सड़क पर बने ढांचे और बैरिकेड हटा दिए गए, जिनमें वीजा सेक्शन के पास लाइन को व्यवस्थित करने के लिए लगाए गए इंतज़ाम भी शामिल थे. 

अब पूरे घटनाक्रम पर भारत के विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया है और कहा है कि पाकिस्तान जब भारतीय हाई कमीशन के बाहर तोड़फोड़ करने जा रहा था तो भारत ने पाकिस्तानी अधिकारियों से अनुरोध किया था कि ऐसा न किया जाए.  लेकिन इस अनुरोध को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग के बाहर तोड़ फोड़ की कार्रवाई की. 

शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के मामले में हमारे अनुरोध के बावजूद वहां कुछ स्ट्रक्चर हटा दिए गए. जब ​​ऐसा हुआ, तो हमने एक तरह से ‘बराबर की कार्रवाई’ की.  हमने यहां दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर वाली गली में बने कुछ अस्थायी ढांचे हटा दिए.”

22 भारतीयों की किडनैपिंग पर MEA का बयान

विदेश मंत्रालय ने अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों पर बयान दिया. यमन-सोमालिया के समुद्र तट से 22 भारतीयों की किडनैपिंग पर भी विदेश मंत्रालय का बयान आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “दो जहाज हैं; दोनों पर विदेशी झंडे लगे हैं; उन पर भारतीय नाविक सवार हैं. कुल 22 भारतीय हैं. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ये 22 नाविक सुरक्षित हैं और हम उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए इस मामले में संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं.”

पाकिस्तान द्वारा अमेरिकी राजदूत को तलब करने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल न कहा कि पाकिस्तान के फ्रस्ट्रेशन पर प्रतिक्रिया देने की कोई जरूरत नहीं है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *