बिजनौर के कीरतपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद चिंता बढ़ा दी. एक छात्र ने Instagram पर वीडियो साझा कर अपनी परेशानी बताई और अगले दो दिनों के भीतर आत्महत्या करने की बात कही. छात्र ने अपनी स्थिति के लिए स्कूल प्रबंधन और स्कूल मैनेजर राजीव चौहान को जिम्मेदार ठहराया. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन के स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया. छात्र का आरोप था कि पिछले कई दिनों से उसे स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है. उसने वीडियो में कहा कि स्कूल प्रबंधन की ओर से उसके और एक शिक्षक के बीच प्रेम संबंध होने की बात कही जा रही है. छात्र ने इस आरोप को पूरी तरह गलत बताया. उसका कहना था कि उसका किसी भी शिक्षक के साथ कोई प्रेम संबंध नहीं है और उसके बारे में गलत बात कही जा रही है.
छात्र ने Instagram पर वीडियो बनाकर अपनी परेशानी सामने रखी. वीडियो में उसने कथित तौर पर कहा कि वह अगले दो दिनों में आत्महत्या कर लेगा. उसने अपनी संभावित मौत के लिए राजीव चौहान और एसएम एकेडमी को जिम्मेदार ठहराने की बात भी कही. सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया. छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई थी. ऐसे में पूरे मामले में छात्र के आरोप और स्कूल प्रबंधन का पक्ष दोनों सामने आना जरूरी था.
छात्र ने दी आत्महत्या की चेतावनी
छात्र का कहना था कि पिछले कई दिनों से स्कूल में उसकी एंट्री बंद कर दी गई थी. स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने के कारण वह परेशान था. इसी परेशानी के बीच उसने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर अपनी बात रखी और आत्महत्या की चेतावनी दे दी. छात्र ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से उसके बारे में एक शिक्षक के साथ प्रेम संबंध होने की बात कही जा रही है. छात्र ने इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि उसका किसी शिक्षक के साथ कोई प्रेम संबंध नहीं है.
उसने अपने वीडियो में स्कूल मैनेजर राजीव चौहान और एसएम एकेडमी को अपनी संभावित मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने की बात कही. इसके साथ ही उसने अपनी समस्या को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस को भी सोशल मीडिया के माध्यम से पत्र लिखकर अपनी बात बताई. मामले को लेकर आजतक ने स्कूल मैनेजर राजीव चौहान से बात की. उन्होंने छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया. मैनेजर ने कहा कि शिक्षक से प्रेम संबंध वाली बात में कोई सच्चाई नहीं है.
राजीव चौहान के मुताबिक, छात्र के गलत व्यवहार को लेकर स्कूल की ओर से पहले ही कई नोटिस जारी किए जा चुके थे. उन्होंने कहा कि छात्र को स्कूल से रेस्टिगेट किए जाने का कारण भी स्कूल के पास लिखित रूप में मौजूद है. मैनेजर ने कहा कि स्कूल का उद्देश्य सभी बच्चों के लिए अच्छा माहौल बनाए रखना है. उनके मुताबिक, अगर कोई बच्चा उस माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करता है तो स्कूल की ओर से उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है.
बिजनौर के एसपी केके बिश्नोई ने भी मामले को लेकर जानकारी दी. एसपी ने बताया कि यह घटना उनके संज्ञान में थी. उनके फोन पर जैसे ही छात्र का वीडियो पहुंचा, उन्होंने पुलिस को बच्चे के घर भेजा. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई. एसपी के मुताबिक, बच्चे से कुछ नादानियां हुई थीं. बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझाया गया और छात्र का उसी स्कूल में दोबारा एडमिशन करा दिया गया.
बताया गया कि छात्र ने Instagram के माध्यम से डीआईओएस को भी पत्र लिखा था. इसमें उसने स्कूल में प्रवेश नहीं दिए जाने और अपने ऊपर लगाए जा रहे कथित आरोपों को लेकर अपनी समस्या बताई थी. मामले में छात्र ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात सार्वजनिक की. इसके बाद पुलिस की ओर से उसके घर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की गई. एसपी के अनुसार बातचीत के बाद छात्र का उसी स्कूल में दोबारा दाखिला करा दिया गया.
पूरे मामले में छात्र और स्कूल प्रबंधन की बातें अलग-अलग सामने आई हैं. छात्र का आरोप है कि उसे स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था और शिक्षक के साथ कथित प्रेम संबंध की बात कहकर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई. वहीं स्कूल मैनेजर ने शिक्षक से जुड़े आरोपों को निराधार बताया और कहा कि छात्र के गलत व्यवहार को लेकर पहले ही नोटिस जारी किए गए थे. स्कूल मैनेजर ने यह भी कहा कि छात्र को रेस्टिगेट किए जाने का कारण लिखित रूप में स्कूल के पास मौजूद है. दूसरी ओर, छात्र ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी परेशानी बताई और आत्महत्या की चेतावनी दी.
वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकई में आई
फिलहाल बिजनौर एसपी के मुताबिक पुलिस के हस्तक्षेप और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद छात्र का दोबारा उसी स्कूल में एडमिशन करा दिया गया है. मामले में छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों और स्कूल प्रबंधन के जवाब के बीच वास्तविक स्थिति संबंधित जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी.
सोशल मीडिया पर छात्र का वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया था. पुलिस ने तत्काल छात्र के घर पहुंचकर दोनों पक्षों से बातचीत की. इसके बाद स्कूल में उसका दोबारा दाखिला कराया गया. छात्र द्वारा लगाए गए आरोप और स्कूल प्रबंधन की ओर से दी गई सफाई अब इस पूरे मामले के दो अलग-अलग पक्ष हैं.
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