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‘हम नौकरी दे रहे, विपक्षी गिनते जाएं… ना गिन पाएं तो शिवपाल जी से सीख लें’, नियुक्तिपत्र वितरण कार्यक्रम में CM योगी का सपा पर तंज – CM Yogi jibe at Samajwadi party during job appointment letter distribution ceremony lclam utrat


उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित करने के लिए लखनऊ में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3,567 युवाओं को नियुक्ति-पत्र सौंपे. मुख्यमंत्री ने पिछले एक हफ्ते में 5,297 युवाओं को और पिछले 9 वर्षों में कुल साढ़े 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का आंकड़ा पेश किया. सीएम योगी ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए नकल माफिया पर लगाम लगाने, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया बनाए रखने और योग्य शिक्षकों के माध्यम से देश के युवाओं को सही दिशा देने के उद्देश्य से अपना संबोधन दिया.

सैफई सिंडीकेट और नकल माफिया पर करारा प्रहार

सीएम योगी ने सैफई सिंडीकेट पर तंज कसते हुए कहा कि वे नौकरियां देते जाएंगे और विपक्षी केवल गिनते जाएं. यदि उन्हें गिनती नहीं आती, तो वे शिवपाल जी के सानिध्य में बैठकर गिनती सीख सकते हैं. उन्होंने बताया कि प्रशांत कुमार को शिक्षक आयोग का अध्यक्ष इसलिए बनाया गया है ताकि वे नकल माफिया की कमर तोड़ सकें और प्रतिभावान छात्रों के हक पर कोई डाका न डाल सके.

शिक्षा का महत्व और ऐतिहासिक धरोहर का जिक्र

मुख्यमंत्री ने महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा 1916 में बीएचयू की स्थापना, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और महर्षि व्यास के योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि भारत तब विश्वगुरु था जब यहां नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय थे. सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, लेकिन उस पर गति शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी ही तय करेंगे.

शिक्षकों का उत्तरदायित्व और छात्रों का मार्गदर्शन

सीएम योगी ने नवनिर्वाचित शिक्षकों से कहा कि समाज को बांटने वाले लोगों से छात्रों को सावधान रखें. शिक्षक अपने छात्रों को पाठ्यक्रम के अलावा महापुरुषों की जीवनी बताएं और उन्हें देश-दुनिया की दैनिक घटनाओं से अपडेट रखें. एक प्रशासनिक अधिकारी अपने दायित्व निभा सकता है, लेकिन वह अच्छा शिक्षक नहीं हो सकता, इसलिए शिक्षक का उत्तरदायित्व सबसे बड़ा है.

बकौल सीएम योगी- इस बात को जरूर ध्यान में रखेंगे कि किसी भी शिक्षक को ज्वॉइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए. अगर कहीं पर किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है और उसको शासन में उपलब्ध करवाएं, अगर किसी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद, किसी भी प्रधानाचार्य से, प्रधानाध्यापक से, प्रवक्ता से या शिक्षक से, लेन- देन की मांग की तो उसको जेल के अंदर सड़ना पड़ेगा. हमें सख्त कार्रवाई करने लिए मजबूर होना पड़ेगा. उस प्रकार की कोई  स्थिति ना पैदा हो, इसका ध्यान विभाग अवश्य रखेगा. इस विश्वास के साथ इसलिए मैंने आप सबको यहां आमंत्रित किया, बुलवाया है.

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