इश्क की इमारत ताजमहल देखने तो कई लोग जाते हैं. लेकिन दीवानों की बस्ती में एक शख्स ऐसा भी हैस जिसने अपने घर को ताजमहल की शक्ल दे डाली. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर में बना एक घर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है. यह घर दिखने में हू-ब-हू ताजमहल जैसा है. इस घर का न सिर्फ डिजाइन अपने आप में खास है, बल्कि इसे बनाने का उद्देश्य भी काबिल-ए-तारीफ है.
ताजमहल की तर्ज पर बने इस 4BHK घर के मालिक का नाम आनंद प्रकाश चौकसे है और उन्होंने अपनी पत्नी के लिए इस ‘द ताज हाउस’ को डिजाइन करवाया है. यह अनोखा घर एक स्कूल के परिसर में बनाया गया है. स्कूल की स्थापना भी आनंद प्रकाश चौकसे ने की है. इस लग्जरी घर के गुंबद, नक्काशीदार खंभे और मेहराबदार दरवाजे ताजमहल की याद दिलाते हैं.
मकराना पत्थर से बना 4BHK घर
घर के मालिक ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को इसका विजिट कराया और इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ताजमहल की तरह दिखने वाली यह इमारत हमारा 4BHK घर है. इस घर में मकराना पत्थर का इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने बताया कि असली ताजमहल की जो डाइमेंशन मीटर में है, वो इस घर में फीट में है.
इसके बाद घर के मालिक ने अपनी पत्नी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह मैंने अपनी पत्नी के लिए बनवाया है और मेरा प्यार मेरे साथ खड़ा है. इतना कहकर घर के मालिक इन्फ्लुएंसर को विजिट के लिए अंदर ले गए. अंदर से देखने पर भी घर बेहद शानदार लगता है. मेन डोर के ठीक सामने बनी सीढ़ियां घर को एक रॉयल लुक देती हैं.
घर के अंदर दाखिल होते ही मार्बल पर एक भैंस की नक्काशी नजर आती है. इसे दिखाते हुए आनंद कहते हैं कि हमारा बचपन दूध बांटते हुए गुजरा है. इसलिए घर में दाखिल होते ही फर्श पर छपी भैंस याद दिला देती है कि हमें कभी घमंड, अहंकार नहीं करना चाहिए. इसके बाद उन्होंने सीढ़ियों के खास डिजाइन की तरफ इशारा करते हुए बताया कि इसे कारीगर 8-10 दिन लेटकर बनाते हैं.
ठंड-बारिश-गर्मी में एक सा टेंपरेचर
आनंद ने आगे कहा है कि असली ताजमहल के अंदर काफी अंधेरा रहता है, क्योंकि वो किसी की कब्र है. लेकिन यह हमारा घर है. इसलिए यहां रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था है. इसके बाद उन्होंने घर का लिविंग एरिया दिखाया, जहां का इंटीरियर घर एक प्रीमियम और रॉयल लुक दे रहा था. उन्होंने कहा कि लिविंग एरिया की डबल वॉल है. 9 इंच की दीवार बाहर और 9 इंच की दीवार अंदर है. बीच में 2 फीट का एयर गैप है. इसलिए अंदर का टेंपरेचर ठंड, बारिश और गर्मी में एकजैसा रहता है.
इसके अलावा इस ताज हाउस में एक लाइब्रेरी भी है जहां बैठकर लोग पढ़ सकती है. साथ में ही एक मेडिटेशन रूम है, जहां योग-ध्यान आदि किया जा सकता है.
घर के ठीक ऊपर एक बड़ा गुम्बद है जो इसे ताजमहल की शक्ल देने में बड़ा रोल निभाता है. घर के एक सदस्य ने बताया कि जितना समय यह घर बनने में लगा है, उतना ही वक्त यह गुम्बद बनने में लगा है. घर के ठीक सामने ही एक स्कूल है जिसे खुद अनंद ने शुरू किया था. उन्होंने कहा कि मैं और मेरी पत्नी दोनों पढ़ाई में बहुत अच्छे थे. इसलिए हमारी ख्वाहिश थी कि हम आगे चलकर बच्चों को साइंटिस्ट, इंजीनियर बनाने में मदद करें. स्कूल के हॉस्टल में करीब 2200 बच्चे रहते हैं, जो उनका परिवार है.
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