रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख साफ, MEA बोला- बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का रास्ता – india russia ukraine conflict dialogue diplomacy black sea shipping grain energy exports MEA ntc agkp


रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग पर भारत ने एक बार फिर अपना रुख साफ किया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि भारत का मानना है कि बातचीत और कूटनीति ही आगे का रास्ता है. प्रधानमंत्री कई मौकों पर कह चुके हैं कि यह युद्ध का दौर नहीं है. बिश्केक में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा था कि अब अंतहीन युद्ध की जगह युद्ध के अंत का समय आ गया है.

भारत दोनों पक्षों से बातचीत कर रहा है और रूस और यूक्रेन दोनों ने इसकी तारीफ की है. विदेश मंत्री ने हाल ही में बताया कि भारत ब्लैक सी में जहाजों की सुरक्षा, अनाज और ऊर्जा निर्यात की चिंताओं और हमला न करने की संभावनाओं पर मदद करने की कोशिश कर रहा है.

सरकार का कहना है कि जंग के मैदान से किसी समस्या का हल नहीं निकलता. इसी वजह से प्रधानमंत्री ने कई बार दोहराया है कि यह युद्ध का दौर नहीं है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत ने इसी सोच के साथ रूस और यूक्रेन दोनों से संपर्क रखा है, ताकि शांति लाने में मदद मिल सके.

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बिश्केक में हुई मुलाकात में भारत का रुख साफ दिखा. वहां प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि अब वह समय आ गया है जब अंतहीन युद्ध की जगह युद्ध के अंत की बात होनी चाहिए.

विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत की इस कोशिश की दोनों देशों ने सराहना की है. मंत्रालय ने कहा कि आपने राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा की टिप्पणियां देखी होंगी.

अब ठोस कदमों की बात. विदेश मंत्री ने हाल ही में इनके बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारत मददगार बनने की कोशिश कर रहा है. शुरुआत काला सागर में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के मुद्दे से हुई है. इसके बाद रूस और यूक्रेन की फौरी चिंताओं पर ध्यान दिया जा रहा है, जो अनाज और ऊर्जा के निर्यात से जुड़ी हैं. साथ ही हमला न करने की संभावनाओं पर भी बात हो रही है.

विदेश मंत्री के मुताबिक इन सभी मुद्दों पर रूस और यूक्रेन, दोनों से बातचीत जारी है.

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