श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर देशभर में भक्तों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. मथुरा-प्रयागराज से लेकर देश के अलग-अलग शहरों में मंदिरों में कान्हा के जन्मोत्सव का मनाया जा रहा है. खासकर कान्हा नगरी मथुरा में श्रद्धालुओं के चेहरे और हृदय में अलग ही आनंद देखने को मिल रहा है.
कान्हा के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज रहा है. राजधानी दिल्ली के इस्कॉन में श्रद्धालओं में अलग जोश दिखा. भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें हैं. भक्तों के सैलाब के बीच राजनेताओं ने भी इस पावन मौके पर योगेश्वर श्रीकृष्ण की पूजा की.
मथुरा में कान्हा के जन्मोत्सव की गूंज
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उत्साह गजब देखने को मिल रहा है. लोक गीत की लहरी कन्हैया के जन्म की गाथा सुना रही है. कान्हा के जयकारों से मथुरा की हर गली गूंज रही है.
हर सड़क गली में कला अलग रंग रूप रस ध्वनि में गुंजित है. वृंदावन में अलग ही भक्तिमय नजारा देखने को मिल रहा है. ऐसा लगता है, मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब आ गया.
वृंदावन में प्रेम मंदिर का पावन नजारा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर को खूबसूरत रोशनी से सजाया गया. यह अनुपम नजारा हर भक्त को अपनी ओर खींच रहा था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आधी रात को गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की.
वहीं, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने पूर्वी कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना की. यहां भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को मनाने के लिए श्रद्धालु आधी रात की पूजा-अर्चना में शामिल हुए.
भोपाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने आवास पर आयोजित दही-हांडी उत्सव में हिस्सा लिया. वहीं जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानसरोवर स्थित इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना की.
नागपुर में भक्ति, उत्साह और जोश का अनोखा संगम
नागपुर में जन्माष्टमी के मौके पर दही हांडी उत्सव की धूम देखने को मिल रही है. शहर के बडकस चौक पर दही हांडी फोड़ने के लिए बड़ी संख्या में गोविंदा पहुंचे. डीजे की धुन और जयकारों के बीच गोविंदा पथक हांडी फोड़ने के लिए पूरी ताकत लगा दी. दही हांडी उत्सव के दौरान भक्ति, उत्साह और जोश का अनोखा संगम देखने को मिला.
श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में अलग नजारा
उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में दूर-दूर से दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालु आए. मान्यता है कि यहीं योग्शव श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की थी. महर्षि सांदीपनि के आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण 11 वर्ष की आयु में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आए थे. 64 दिनों में ही भगवान ने यहां महर्षि सांदीपनि से ज्ञान अर्जित किया था.
इसी पवित्र भूमि पर भगवान कृष्ण ने 4 वेद, 6 शास्त्र, 14 विद्याएं और 18 पुराणों का अध्ययन कर गुरु परंपरा का निर्वाह किया था. बारिश के बावजूद दूर दराज से श्रद्धालु दर्शन पूजन के लिए सांदीपनि आश्रम पहुंचे.
प्रयागराज में राधा-कृष्ण के लिए विशेष पोशाक
संगम नगरी प्रयागराज में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम देखने को मिल रही है. शहर के इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का भव्य श्रृंगार किया गया है. भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की प्रतिमाओं का बेहद आकर्षक श्रृंगार किया गया है. राधा-कृष्ण को रत्न जड़ित विशेष पोशाक पहनाई गई, जिसे वृंदावन से मंगाया गया.
रांची में भक्तिमय माहौल
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भजनों की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया.
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