संसद का मॉनसून सत्र जारी है. बीते लगभग डेढ़ महीने से जारी नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के मुद्दों को समझते हुए सरकार इससे जुड़ा जरूरी बिल लेकर आने वाली है. सोमवार को मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा.
डॉ. जितेंद्र सिंह पेश करेंगे बिल
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन में पेश करेंगे. विधेयक पेश होने के बाद सरकार इसे विचार करने और पारित कराने का प्रस्ताव भी रखेगी.
परीक्षा में सुधार के लिए आएगा बिल
यह संशोधन पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अधिनियम, 2024 में बदलाव से संबंधित है. यह कानून सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया था.
इसके अलावा, लोकसभा में आज सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर भी चर्चा और पारित कराने की कार्यवाही प्रस्तावित है.
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को सदन में पेश करेंगे. इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करना है.
बता दें कि जंतर-मंतर समेत छात्रों के देशव्यापी आंदोलन के बाद सरकार ने इस मामले में कड़ाई से फैसला लेने का विचार किया है. परीक्षाओं को लेकर केंद्र सरकार अब सजग है और लगातार सुधारों का ऐलान कर रही है.
इस कड़ी में खुद पीएम मोदी लगातार इंस्टाग्राम पर आकर परीक्षा सुधारों और पेपर लीक पर कड़ी कार्रवाई को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में बता रहे हैं.
बिल पर चर्चा के लिए लिस्ट में युवा सांसदों के नाम
इस अहम बिल पर सरकार की ओर से लगभग 8 से 10 घंटे चर्चा होने की संभावना है. एनडीए ने इस बहस में अपने युवा सांसदों को प्रमुखता से आगे करने की रणनीति बनाई है और सरकार की ओर से अधिकांश वक्ता युवा सांसद होंगे.
भाजपा की ओर से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या चर्चा में हिस्सा लेंगे. वहीं सहयोगी दलों की ओर से सयोनी घोष, मिताली बाग, लावु श्री कृष्ण देवरायलु, लल्लन सिंह, डॉ. श्रीकांत शिंदे, सुनील तटकरे, अनुप्रिया पटेल और अरुण भारती समेत कई सांसदों के बोलने की संभावना है. इसके अलावा, नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी आज पहली बार प्रश्नकाल में शिक्षा मंत्रालय से जुड़े सवालों का जवाब देंगे. प्रश्नकाल की तैयारी के लिए उन्हें रविवार को मंत्रालय के अधिकारियों ने विस्तृत ब्रीफिंग भी दी.
रविवार को पीएम मोदी ने की थी ‘नया कानून’ बनाने की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एक बार फिर इंस्टाग्राम पर आए और परीक्षा सुधारों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा, ‘विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार कई कदम उठा रही है. जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वो जेलों में सड़ रहे हैं.’ उन्होंने आगे बताया कि हम फास्ट ट्रैक कोर्ट बना चुके हैं और संसद में सख्त प्रावधानों के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन हमें भविष्य के बारे में सोचना होगा.
हाई पॉवर टास्क फोर्स का गठन
PM मोदी ने कहा, ‘हमारी परीक्षा पद्धति को भरोसेमंद, पारदर्शी और एडवांस टेक्नोलॉजी से युक्त होनी चाहिए. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई-पावर टास्क फोर्स गठित करने का फैसला लिया है. ये टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर ध्यान देगी और इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता जल्द से जल्द तय की जाएगी..’
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