गुजरात के अहमदाबाद में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने कंपनी के बॉस का नाम और फोटो इस्तेमाल करके अकाउंटेंट को भरोसे में लिया. WhatsApp पर आए एक मैसेज के बाद अकाउंटेंट ने ₹95.80 लाख बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए. अगले दिन उसी तरह ₹1.26 करोड़ भेजने को कहा गया. इस बार अकाउंटेंट ने बॉस से बात कर ली, तब जाकर पूरा खेल सामने आया.
मामला एलिसब्रिज इलाके की एक निजी फाइनेंस कंपनी का है. यहां काम करने वाले 51 वर्षीय अकाउंटेंट को 6 जुलाई को WhatsApp पर मैसेज मिला था. नंबर उनके फोन में कंपनी के बॉस के नाम से सेव था. उस पर बॉस की फोटो भी लगी थी. इसलिए अकाउंटेंट को लगा कि मैसेज सच में बॉस ने ही भेजा है.
एक मैसेज पर ट्रांसफर कर दिए ₹95.80 लाख
अकाउंटेंट कंपनी के पैसे ट्रांसफर करने का काम भी देखते हैं. ठग ने WhatsApp पर एक बैंक अकाउंट नंबर भेजा. साथ ही उसमें ₹95.80 लाख ट्रांसफर करने को कहा. बॉस का नाम और फोटो देखकर अकाउंटेंट ने बिना शक किए रकम बताए गए खाते में भेज दी.
अगले दिन फिर उसी नंबर से मैसेज आया. इस बार एक दूसरा अकाउंट नंबर भेजकर ₹1.26 करोड़ ट्रांसफर करने को कहा गया. रकम पहले से काफी ज्यादा थी, इसलिए अकाउंटेंट ने ऑफिस में बॉस से बात करने का फैसला किया.
बॉस से बात की तो खुली ठगी
अकाउंटेंट ने जब बॉस से पूछा कि क्या उन्होंने पैसे भेजने के लिए मैसेज किया था, तो बॉस ने साफ कहा कि उन्होंने ऐसा कोई मैसेज नहीं किया. इसके बाद पता चला कि पहले दिन आया मैसेज भी बॉस ने नहीं भेजा था. यानी जिस नंबर पर बॉस का नाम सेव था, वह असल में उनका नंबर नहीं था. ठगों ने उसी नाम के साथ बॉस की फोटो लगाकर अकाउंटेंट को भरोसे में लिया था. पहली रकम ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने दूसरी बड़ी रकम की मांग कर दी.
पुलिस के मुताबिक, किसी अज्ञात ठग ने कंपनी के मोबाइल और कंप्यूटर को हैक किया था. इसके बाद एक अनजान नंबर को बॉस के नाम से सेव किया गया. उसी नंबर पर बॉस की फोटो लगाकर अकाउंटेंट को WhatsApp मैसेज भेजे गए. पहली कोशिश में ठग ₹95.80 लाख हासिल करने में कामयाब रहे. दूसरी बार ₹1.26 करोड़ की मांग ने उनकी पोल खोल दी. मामले की जानकारी मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.
—- समाप्त —-
