उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में अपराधियों ने एक बड़ी और दुस्साहसिक डकैती को अंजाम दिया है. यहां दो महिलाओं समेत करीब 8 शातिर बदमाशों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत एक सामाजिक कार्यकर्ता के घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया. अपराधियों ने न सिर्फ पिस्टल की नोक पर लूटपाट की, बल्कि सबूत मिटाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी उखाड़ ले गए. पुलिस के मुताबिक, बदमाश करीब 9 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात लूटकर रफूचक्कर हो गए हैं.
यह पूरी वारदात दोपहर करीब 1:30 बजे की है, जब न्यू उस्मानपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता हरिश्चंद्र किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे. घर में उनकी पत्नी और उनके तीन बच्चे अकेले थे. इसी दौरान बदमाशों ने घर के बाहर पहुंचकर हरिश्चंद्र को फोन मिलाया और कहा कि, “हम एक पंचायत के सिलसिले में आपसे मिलने आपके घर के बाहर आए हैं.”
इस पर हरिश्चंद्र ने आपत्ति जताते हुए कहा कि, “मैं इस समय बाहर हूं. आप लोग अचानक बिना बात किए मेरे घर कैसे पहुंच गए? आपको पहले बात करके आना चाहिए था.” अभी बातचीत चल ही रही थी कि अचानक हरिश्चंद्र का फोन डिस्चार्ज होकर बंद हो गया. फोन कटते ही शातिर बदमाशों ने चाल चली और घर के भीतर मौजूद पत्नी-बच्चों से कहा कि, “आपके पापा से बात हो गई है, उन्होंने कहा है कि आप लोग अंदर बैठिए और हमारे लिए चाय बनाइए, वह बस आते ही होंगे.”
मुंह पर बांधी मेडिकल पट्टी
परिवार के झांसे में आते ही सातों-आठों बदमाश घर के अंदर दाखिल हो गए और पलक झपकते ही अपने असली रंग में आ गए. उन्होंने तुरंत महिला और तीनों बच्चों को गनपॉइंट पर ले लिया और कई बार उनके सिर पर पिस्टल तान दी. बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे; उन्होंने अपने पास रखी रस्सियों से सबके हाथ-पैर बांध दिए. इसके साथ ही, वे अपने साथ मेडिकल की पट्टियां लेकर आए थे, जिन्हें उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों के मुंह पर कसकर बांध दिया ताकि कोई चीख न सके और चीखने-चिल्लाने की आवाज घर से बाहर न जाए.
1 घंटे तक खंगाला घर का कोना-कोना
इसके बाद बदमाशों ने करीब 1 घंटे तक पूरे इत्मीनान से घर के अंदर तांडव मचाया. अलमारियों, लॉकरों और कमरों का कोना-कोना छान मारा गया. घर में रखा सारा कैश और ज्वेलरी समेटने के बाद, वे मुख्य दरवाजे के बजाय घर के पिछले रास्ते (Back Route) से चुपचाप फरार हो गए.
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
बदमाशों के भागने के बाद जैसे-तैसे परिवार ने पुलिस को इसकी सूचना दी. वारदात की गंभीरता को देखते हुए न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से उंगलियों के निशान और अन्य सबूत जमा किए हैं.
हालांकि बदमाश घर का डीवीआर ले जाने में कामयाब रहे, लेकिन पुलिस ने जब आसपास की गलियों और अन्य मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो उसमें अपराधियों के आने और भागने के कुछ पुख्ता सुराग मिले हैं.
डीसीपी के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्पेशल टीमें बनाई गई हैं. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि संदिग्धों के हुलनामे और रूट ट्रैक कर लिए गए हैं, और जल्द ही इस गैंग को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा.
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