अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार कई पोस्ट कीं. करीब एक घंटे के अंदर उन्होंने ईरान से जुड़ी सात पोस्ट शेयर कीं. इन पोस्ट में ईरान की अर्थव्यवस्था, तेल निर्यात और करेंसी को निशाना बनाया गया. एक पोस्ट में तेहरान के नक्शे पर ट्रंप की तस्वीर भी दिखाई गई.
दरअसल, यह पोस्ट Truth Social एक्स अकाउंट पर शेयर की गई. इन पोस्ट में ईरान पर बढ़ते अमेरिकी दबाव का मैसेज दिया गया. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी आर्मी और आर्थिक दबाव का ईरान पर बड़ा असर पड़ रहा है. उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था पर संकट का भी दावा किया.
तेहरान के नक्शे पर ट्रंप की तस्वीर
ट्रंप की पहली पोस्ट में ईरान का नक्शा दिखाया गया. इस नक्शे पर ट्रंप का चेहरा लगाया गया था. यह पोस्ट ईरान को लेकर उनके आक्रामक रुख को दिखाती है.
इससे कुछ दिन पहले ट्रंप ने रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ करने की बात भी कही थी. होर्मुज की खाड़ी ईरान और ओमान के बीच एक अहम समुद्री रास्ता है.
इसके बाद ट्रंप ने होर्मुज से तेल की आवाजाही को लेकर एक ग्राफिक शेयर किया. इसमें दावा किया गया कि यहां तेल की आवाजाही बढ़कर 18 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गई है. वॉर से पहले यह आंकड़ा 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन बताया गया था.
ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में ईरान के तेल निर्यात को निशाना बनाया. ग्राफिक पर लिखा था, ‘IRAN’S OIL EXPORTS ARE CRASHING!’. इसमें ईरान के तेल निर्यात में बड़ी गिरावट दिखाई गई.
ग्राफिक में 2025 में तेल निर्यात करीब 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन दिखाया गया. इसके बाद 2026 में यह आंकड़ा लगभग शून्य तक जाता दिखाया गया. फिर इसमें कुछ सुधार भी दिखाया गया.
दरअसल, ईरान की अर्थव्यवस्था में तेल की बड़ी भूमिका है. ऐसे में तेल निर्यात पर दबाव को अहम माना जा रहा है. ईरानी अधिकारियों ने आर्थिक मुश्किलों को स्वीकार किया है. हालांकि उन्होंने अमेरिकी दबाव के सामने झुकने से इनकार किया है.
ईरानी करेंसी को लेकर भी हमला
ट्रंप ने ईरान की करेंसी रियाल को लेकर भी दो ग्राफिक्स शेयर किए. एक ग्राफिक में ईरान में हाइपरइन्फ्लेशन का दावा किया गया. इसमें दिखाया गया कि 2025 की शुरुआत में एक डॉलर की कीमत करीब 9 लाख रियाल थी. बाद के आंकड़ों में यह कीमत 22.7 लाख रियाल से ज्यादा दिखाई गई.
एक अन्य ग्राफिक में कहा गया कि ईरान की करेंसी ‘Destroyed’ हो गई है. इसमें रियाल की गिरती कीमत को दिखाया गया.
ईरान के ईकोनॉमी मंत्री अली मदानिजादेह ने आर्थिक संकट को लेकर सरकार की जिम्मेदारी की बात कही. उन्होंने कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी उसकी सरकार और जनता की है. उन्होंने अमेरिका को इसका फैसला करने का अधिकार नहीं दिया.
खार्ग द्वीप को लेकर भी पोस्ट
ट्रंप ने इसके बाद खार्ग द्वीप को लेकर एक बेहद आक्रामक तस्वीर शेयर की. इसके साथ लिखा था, ‘Bye bye, Kharg’. इस तस्वीर में एक लड़ाकू विमान दिखाई दे रहा है. उसके सामने तेल के एक ठिकाने पर धमाके और आग दिखाई गई.
दरअसल, खार्ग ईरान के लिए बेहद अहम तेल निर्यात केंद्र है. ईरान के कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा ऐतिहासिक रूप से इसी द्वीप के जरिए बाहर जाता रहा है. ट्रंप पहले भी खार्ग को लेकर AI से बनी तस्वीर और वीडियो शेयर कर चुके हैं. उन्होंने इस तेल केंद्र को तबाह करने की बात भी कही है.
ट्रंप की पोस्ट की श्रृंखला का अंत भी ईरान को लेकर बड़े दावे के साथ हुआ. उन्होंने ईरान के नक्शे वाली एक तस्वीर शेयर की. इस पर लिखा था, ‘IRAN IS A FAILING NATION!’ यानी ईरान एक असफल देश है.
इन सभी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरान पर कई तरफ से दबाव का मैसेज दिया गया. तेल निर्यात में गिरावट का दावा किया गया. करेंसी की कमजोरी दिखाई गई. ऊर्जा ढांचे को खतरे का संकेत दिया गया. होर्मुज को भी तनाव का बड़ा केंद्र बताया गया.
वहीं अमेरिका की ओर से किए गए इन दावों पर ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी ईकोनॉमी मिनिस्टर अली मदानिजादेह ने कहा कि आर्थिक दबाव से ईरान के फैसले नहीं बदले जा सकते.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने भी अमेरिका को वॉर्निंग दी. उन्होंने कहा कि आगे किसी हमले का जवाब गंभीर होगा. अब हालात बदल चुके हैं.
इस बीच तनाव समुद्री क्षेत्र तक भी पहुंच गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि उसने तीन ईरानी टैंकरों पर हमला किया. इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दो अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं.
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