अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो XIV की आलोचना करने के बाद अब अपनी करीबी यूरोपीय सहयोगी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर तीखा हमला बोला है. ट्रंप ने एक इतालवी अखबार को दिए इंटरव्यू में मेलोनी को ‘साहस की कमी’ वाला बताया क्योंकि उन्होंने ईरान जंग में अमेरिका और इजराइल का समर्थन करने से इनकार कर दिया था. ट्रंप के मुताबिक, मेलोनी ने उनके प्रति नकारात्मक रवैया अपनाया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि जो देश ईरान के खिलाफ इस स्थिति में अमेरिका की मदद नहीं करेंगे, उनके साथ पुराने जैसे संबंध नहीं रहेंगे.
पिछले महीने इटली ने अमेरिकी बमवर्षक विमानों को सिसिली के एयरबेस पर उतरने की अनुमति देने से भी मना कर दिया था. मेलोनी ने इस हफ्ते ट्रंप द्वारा पोप पर किए गए हमले को ‘अस्वीकार्य’ करार दिया, जो राष्ट्रपति की अब तक की सबसे सीधी आलोचना है. दोनों नेताओं के बीच टैरिफ और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को लेकर भी दूरियां बढ़ी हैं.
ईरान युद्ध और सैन्य सहयोग पर टकराव
मेलोनी ने कहा है कि इटली, ईरान के खिलाफ जंग में हिस्सा नहीं लेगा. हाल ही में इटली ने अमेरिका के उन बमवर्षक विमानों को अपने बेस पर उतरने से रोक दिया, जो अपने अहम मिशन पर थे. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि जिसने भी इस ईरान संकट में मदद से इनकार किया है, उसके साथ अमेरिका के रिश्ते पहले जैसे नहीं रह सकते.
विवाद तब और गहरा गया, जब ट्रंप ने पोप की आलोचना की. मेलोनी ने इस हमले को अनुचित बताया. विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का व्यवहार ‘अनियंत्रित’ होता जा रहा है, जिससे मेलोनी जैसी उनकी स्वाभाविक सहयोगी भी अब दूरी बना रही हैं. मेलोनी के मंत्रियों ने कहा है कि चर्च की शिक्षाओं से गठबंधन पर स्थायी असर नहीं पड़ेगा.
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घरेलू राजनीति और ऊर्जा संकट का साया
मेलोनी के लिए डोनाल्ड ट्रंप से दूरी बनाना फायदेमंद भी साबित हो सकता है क्योंकि इटली में ट्रंप की लोकप्रियता कम हुई है. मेलोनी ने हाल ही में खाड़ी देशों का दौरा किया, जिससे इटली की गैस और तेल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके, लेकिन वहां से कोई औपचारिक समझौता नहीं हो सका. इटली में ईरान जंग की वजह से गैस के बिलों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे जनता में असंतोष है.
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