मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए इसे ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को 10वीं बार बजट पेश करने का गौरव प्राप्त हुआ है. चर्चा में सत्ता पक्ष के 109 और विपक्ष के 58 सदस्यों ने भाग लिया. सीएम ने बताया कि 31 मार्च से पहले सभी विभाग अपनी नई कार्ययोजना प्रस्तुत करेंगे. उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से बताया कि 2016-17 में राजकोषीय घाटा 4% से अधिक था, जो अब घटकर लगभग 2% रह गया है.
शिवपाल यादव और ‘श्राप’ वाला तंज
सदन में चर्चा के दौरान सीएम योगी ने चुटीले अंदाज में शिवपाल यादव और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “मैं कामना करता हूं कि शिवपाल जी का श्राप नेता प्रतिपक्ष को न लगे. आपके समय में शिवपाल जी लठैत थे.”
बकौल सीएम योगी- मुझे लगता था कि नेता प्रतिपक्ष उम्र के हिसाब से आंकड़ों में घालमेल नही करेंगे, लेकिन लगा कि चच्चू का प्रभाव उनपर आ गया. राजकोषीय घाटे को लेकर वित्तमंत्री जी ने तत्काल उनकी बात को सही किया.
माता प्रसाद पांडेय पर निशाना
सीएम ने आरोप लगाया कि माता प्रसाद पांडेय ने शिवपाल यादव की संगत में आकर बजट के आंकड़ों में हेरफेर किया है. उन्होंने विपक्षी कार्यकाल की आर्थिक स्थिति की तुलना आज के सुधरे हुए वित्तीय प्रबंधन से की. सीएम ने कहा कि कर्ज को कम करके 23 % पर ले जाएंगे जो कि अभी 27% है. सरकारी आय 2017 में 43000 थी अभी 1 लाख के पार है.
UP टॉप 3 में है
सीएम ने आगे कहा कि भारत तब विकसित होगा जब राज्य विकसित होंगे, राज्य तब विकसित होगा जब जिले विकसित होंगे, जिले तब विकसित होंगे जब गांव विकसित होंगे. पहले यूपी सबसे नीचे के राज्यों में शुमार होता था लेकिन अब UP टॉप 3 में है. 2026-27 में जीडीपी 40 लाख करोड़ के पार पहुंचाएंगे. सपा ने प्रदेश को इतना बदनाम किया था कि होटलों में कमरे नहीं मिलते थे. अब कानून का राज है. अब UP के लोगों की बाहर इज्जत होती है.
—- समाप्त —-
