स्विट्जरलैंड की सरकार ने देश में गहराते आवास संकट और जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से विदेशी नागरिकों द्वारा रियल एस्टेट की खरीद पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली है. स्विस सरकार ने इसके लिए नए नियमों का प्रस्ताव पेश किया है.
स्विस गवर्निंग फेडरल काउंसिल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह “लेक्स कोलर” (Lex Koller) नाम के मौजूदा कानून में संशोधन करना चाहती है. यह कानून विशेष रूप से विदेशियों द्वारा स्विस अचल संपत्ति के स्वामित्व को सीमित करता है. सरकार ने इन प्रस्तावित बदलावों पर सार्वजनिक और राजनीतिक परामर्श शुरू कर दिया है, जो जुलाई के मध्य तक चलेगा.
प्रस्ताव के अनुसार, जो लोग यूरोपीय संघ (EU) या यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के सदस्य देशों के नागरिक नहीं हैं, उनके लिए नियम काफी कड़े हो जाएंगे. अब उन्हें स्विट्जरलैंड में अपना मुख्य निवास स्थान खरीदने के लिए आधिकारिक परमिट की जरूरत होगी. इसका उद्देश्य रियल एस्टेट बाजार में बाहरी हस्तक्षेप को कम करना है.
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देश छोड़ने पर संपत्ति बेचना अनिवार्य
नए नियमों का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा संपत्ति की बिक्री से जुड़ा है. अगर कोई गैर-यूरोपीय नागरिक स्विट्जरलैंड छोड़ता है, तो उसे देश छोड़ने के दो साल के भीतर अपनी संपत्ति बेचनी होगी. यह प्रावधान यह सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है कि विदेशी नागरिक केवल निवेश के उद्देश्य से घरों को रोककर न रखें, जिससे स्थानीय लोगों के लिए घरों की कमी न हो.
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब स्विट्जरलैंड गंभीर आवास की कमी से जूझ रहा है. इसके साथ ही, देश में जनसंख्या को सीमित करने के मुद्दे पर एक आगामी जनमत संग्रह होने वाला है. सरकार इन सख्त नियमों के जरिए जनता की चिंताओं को दूर करने और बाजार में स्थिरता लाने का प्रयास कर रही है.
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निवेश और हॉलिडे होम्स पर भी लगेगी लगाम
इन नए प्रस्तावों में यह भी कहा गया है कि गैर-यूरोपीय देशों के नागरिक अब केवल निवेश या किराया कमाने के लिए कमर्शियल प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकेंगे. इसके अलावा, हॉलिडे होम्स की खरीद पर भी सख्ती की जाएगी. इसके लिए राज्यों को मिलने वाले परमिट कोटा में कटौती होगी और उन्हें फिर से बेचने के नियम भी कड़े किए जाएंगे.
स्विट्जरलैंड में रहने का बेहतर स्तर, मजबूत कंपनियां और रोजगार के अच्छे अवसरों की वजह से बाहर से आने वाले लोगों ( की संख्या बढ़ी है. इससे देश में यह चिंता पैदा हो गई है कि सार्वजनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ रहा है.
आने वाले जून में, स्विट्जरलैंड के लोग एक अहम प्रस्ताव पर वोट देंगे. इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि साल 2050 तक देश की स्थाई आबादी 1 करोड़ (10 मिलियन) से ऊपर न जाए. हालांकि, स्विस संघीय परिषद ने नागरिकों से इस प्रस्ताव को खारिज करने की अपील की है.
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