अगर आपके साथ एक ही चीज बार-बार हो रही है, तो इसे आप अपनी किस्मत समझ लेते हैं. करीब 20 साल के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ भी कुछ ऐसी ही घटना हुई. महीनों की बेरोजगारी के बाद जब नौकरी मिली तो उसका भी अनुभव कुछ खास अच्छा नहीं रहा. नई शुरुआत होने के बजाय नौकरी शुरू करने के महज ढाई महीने बाद ही उसे फिर से नौकरी से निकाल दिया गया. रेडिट पर एक पोस्ट में इंजीनियर ने बताया कि पिछले साल के अंत में उनकी पहली नौकरी चली गई. काफी मेहनत के बाद से उन्हें दूसरी नौकरी ढूंढने में छह महीने लगे, जो उनके अनुसार एक अच्छा सैलरी पैकेज लेकर आई थी लेकिन उनकी ये खुशी भी ज्यादा देर नहीं रह सकी. जैसे ही जिंदगी पटरी पर लौटी वैसे ही दूसरी नौकरी भी चली गई.
दूसरी नौकरी की थी खुशी
सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पोस्ट कर बताया कि कई महीनों की खोज के बाद उसे लगा कि आखिरकार उसकी जिंदगी पटरी पर लौट रही है लेकिन फिर उसे दोबारा नौकरी से निकाल दिया गया. उन्होंने आगे लिखा कि मैंने नई कंपनी में काम शुरू किया, अपना काम कर रहा था और मुश्किल से ढाई महीने बाद, आज मुझे हमारी कंपनी के लगभग दर्जनों लोगों के साथ फिर से नौकरी से निकाल दिया गया.
एक बार नौकरी खोने का मतलब…
एक बार नौकरी खोने का मतलब ही महीनों की अनिश्चितता थी. एक साल के भीतर दोबारा ऐसा होने से इंजीनियर के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में एक स्थिर करियर बना पाएगा भी या नहीं. आर्थिक दबाव की वजह से कोई भी फैसला लेना और भी ज्यादा कठिन हो जाता है. उन्होंने यह भी बताया कि वह ऐसे परिवार से नहीं आते हैं कि उन्हें ज्यादा छुट्टी लेने या किसी दूसरे करियर को आजमाने की आजादी मिले.
क्या अब सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग छोड़ने का समय आ गया है?
इंजीनियर की चिंताएं बार-बार होने वाली छंटनी तक ही सीमित नहीं है. उन्हें इस बात की भी चिंता है कि एआई सॉफ्टवेयर से संबंधित नौकरियों को कैसे प्रभावित कर सकती है. यूजर ने पोस्ट में लिखा कि मुझे पता है कि एआई जरूरी नहीं कि हर डेवलपर की जगह ले ले लेकिन उन्होंने कहा कि एआई और उत्पादकता के इर्द-गिर्द लागत में कटौती और पुनर्गठन करने वाली कंपनियों ने भविष्य को अनिश्चित बना दिया है. अब वह सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग छोड़कर किसी ऐसे करियर की तलाश में जो, अधिक स्थिरता पर फोकस करें.
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