‘हमने ईरानी धड़े के मुंह पर तमाचा मारा है’, दक्षिणी लेबनान से बोले नेतन्याहू – Israel pm netanyahu southern lebanon visit slap iran axis ntc dhrj


इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने वहां तैनात सैनिकों को संबोधित करते हुए एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ‘इजरायल ने ईरान के नेतृत्व वाले नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है और ईरानी धुरी के मुंह पर तमाचा मारा है’. इसके अलावा ने नेतन्याहू यह भी स्पष्ट किया कि जब तक हिजबुल्लाह का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना इस क्षेत्र से पीछे नहीं हटेगी.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सैनिकों के बीच पहुंचे नेतन्याहू ने कहा कि सेना ने बॉर्डर पर अद्भुत काम किया है. हमने पूरे ईरानी धड़े को कुचलना शुरू कर दिया है. इजरायल ने खुद ईरान के भीतर घुसकर हमला किया, जिस पर पहले किसी को भरोसा नहीं था. इस बड़ी कार्रवाई की वजह से देश के ऊपर मंडरा रहा एक बहुत बड़ा खतरा अब पूरी तरह टल चुका है.

‘हिजबुल्लाह के पास बचा सिर्फ 8% बारूद’

उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा मिसाइलें और रॉकेट हिजबुल्लाह के पास ही थे. उनकी संख्या करीब डेढ़ लाख के आसपास थी, लेकिन हमारी कार्रवाई के बाद आज उनके पास सिर्फ 8 फीसदी हिस्सा ही बचा है. यह 8 प्रतिशत अब भी मायने रखता है, पर अब हिजबुल्लाह में पहले जैसी बात बिल्कुल नहीं रही. सेना ने अपने अलग-अलग ऑपरेशन्स में अब तक करीब 9,000 आतंकियों को ढेर किया है, जिनमें से सैकड़ों आतंकी पिछले कुछ हफ्तों में ही मारे गए हैं.

इस दौरान इजरायली पीएम ने कहा कि अब हमारी सोच पूरी तरह बदल चुकी है. हम किसी भी आतंकी सेना को अपनी सीमा पर आकर बैठने नहीं देंगे. यही वजह है कि लेबनान के साथ गाजा में भी सुरक्षा क्षेत्र बनाया जा रहा है. यह बफर जोन हमारी सीमा के अंदर नहीं, बल्कि उनकी तरफ बन रहा है. इसके जरिए आतंकियों की सुरंगों, घुसपैठ के रास्तों और उनके ठिकानों को जमीन के ऊपर के साथ जमीन के नीचे से भी पूरी तरह साफ किया जा रहा है. हमारा आदेश साफ है कि सेना को यहां से पीछे नहीं हटना है.

सैनिकों को कड़ा निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता आपकी सुरक्षा है. अगर आपको अपनी जान या साथियों पर कोई भी खतरा नजर आए, तो बिना किसी आदेश का इंतजार किए तुरंत कार्रवाई करें. एक्शन लेना हमारा सबसे कड़ा आदेश है. आज इस कार्रवाई की वजह से दोनों देश एक-दूसरे की संप्रभुता को स्वीकार करते हैं. हम ईरान और हिजबुल्लाह से साफ कह रहे हैं कि यहां से निकल जाओ, तुम्हारा यहां कोई काम नहीं है. दो देश आपस में शांति चाहते हैं. जब तक हथियारों से लैस हिजबुल्लाह हमारे लिए खतरा बना रहेगा, हम यहीं डटे रहेंगे.

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