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दुबई में कैसे मिलती है टीचर की नौकरी? करनी होती है ये पढ़ाई, फ्रेशर्स के लिए है ये नियम   – how to became teacher in uae having bed degree know eligibility license ngix 


क्या आप भी विदेश में टीचर बनने का सपना देख रहे हैं? लेकिन आपने भारत से बीएड की डिग्री हासिल की है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. भारतीय टीचर्स का दुबई में पढ़ाना एक ट्रेंड बन चुका है. इसके पीछे कई वजहें हैं जिसके चलते टीचरों को कई फायदे मिलते हैं. इनमें टैक्स-फ्री सैलरी, वर्ल्ड-क्लास लाइफस्टाइल और बड़ी संख्या में भारतीय परिवारों की मौजूदगी.ऐसे में क्या केवल डिग्री होने से आपको दुबई में नौकरी मिल जाएगी या क्या-क्या चीजों की जरूरत होगी, चलिए जानते हैं. 

दुबई में नौकरी का कारण 

बता दें कि यूएई में प्राइवेट एजुकेशन तेजी से बढ़ रहा है. वहां पर CBSE बोर्ड वाले स्कूलों की भरमार है. मतलब साफ है वहां पर भी वहीं, पढ़ाना होगा जो आप हमेशा से पढ़ते हुए आ रहे हैं. लेकिन वहां के नियम बेहद सख्त है. वहां, टीचर बनने के लिए जरूरी डिग्रियां, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और खास सरकारी लाइसेंस की जरूरत होती है. 

कैसे मिलती है नौकरी? 

हर जगह पर स्कूलों को रेगुलेट करने वाली संस्थान भी अलग होती है. वहीं, दुबई में ये काम नॉलेज एंड ह्यूमन डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (KHDA) करती है.लेकिन अगर भारतीय टीचरों की नौकरी की बात करें, तो उनके लिए प्राइवेट स्कूल ज्यादा बेहतर होता है. सरकारी स्कूल में विदेशी नागरिकों की हायरिंग न के बराबर होती है. ऐसे में भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वह अपना फोकस सीबीएसई, ब्रिटिश या अमेरिकन इंटरनेशनल स्कूलों पर रखें, जहां पर हमेशा ही वैकेंसी निकाली जाती है. 

क्या है योग्यता? 

यूएई में नियमों के मुताबिक, स्कूल में पढ़ाने के लिए कम से कम 4 साल की बैचलर्स की डिग्री या संबंधित विषय में स्पेशलाइजेशन होना जरूरी है. लेकिन अगर आप प्राइमरी लेवल पर पढ़ाना चाहते हैं, तो केवल बीएड की डिग्री से काम चल जाएगा. लेकिन अगर आप मिडिल या सीनियर स्कूल के सब्जेक्ट टीचर बनना चाहते हैं तो B.Ed के साथ-साथ उस खास सब्जेक्ट में भी ग्रेजुएशन करना होगा. 

नौकरी के लिए पूरी करनी होगी ये शर्त 

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन- दुबई में आपकी डिग्रियां असली या नकली इसकी सख्ती से जांच होती है. पहले आपको ये डिग्रियां भारत के संबंधित राज्य के HRD मंत्रालय के बाद फिर विदेश और दिल्ली में यूएई एंबेसी से अटेस्ट करानी होगी. इसके बाद यूएई पहुंचकर वहां के विदेश मंत्रालय (MOFAIC) से भी मुहर लगवानी होगी.

इंग्लिश की होती है परीक्षा- वहीं,यूएई में मीडियम ऑफ इंस्ट्रक्शन इंग्लिश है. इसके लिए आपकी इंग्लिश स्किल अच्छी होनी चाहिए. अगर आप इंग्लिश के टीचर बनना चाहते हैं तो IELTS में इंग्लिश में अच्छा स्कोर होना चाहिए. 

क्या है फ्रेशर्स के लिए नियम- वैसे तो इस जॉब के लिए फ्रेशर्स भी अप्लाई कर सकते हैं लेकिन उनके पास भारत के किसी अच्छे स्कूल में 1 से 2 साल पढ़ाने का अनुभव होना चाहिए. 

जरूरी होती है  TLS टीचिंग लाइसेंस 

UAE में एजुकेशन प्रोफेशनल लाइसेंस के बिना नहीं पढ़ा सकते हैं. इसे टीचर एंड एजुकेशन लीडरशिप स्टैंडर्ड्स (TLS) सिस्टम कहा जाता है. मान लेते हैं कि किसी उम्मीदवार को वहां से जॉब लेटर मिल जाता है, तो सरकारी पोर्टल पर जाकर उन्हें रजिस्टर करवाना होता है. इसके बाद आपकी कैटेगरी के मुताबिक, एक एग्जाम होता है, जिसमें नॉलेज और पढ़ाने का तरीके को देखा जाता है. लेकिन पहली बार अगर आप इसमें फेल हो जाते हैं, तो डरने की जरूरत नहीं है. आपको दोबारा मौका दिया जाएगा. 

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