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AK-47 और ग्रेनेड दिखाकर युवाओं को उकसाते… यूपी को दहलाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश, पाकिस्तान से साउथ अफ्रीका तक फैला टेरर नेटवर्क – AK 47 and grenades incite youth Major plot to terrorize UP exposed terror network spans from Pakistan to South Africa lclam


उत्तर प्रदेश पुलिस और एटीएस ने राजस्थान से राजूराम गोदारा और बिजनौर से समीर उर्फ रोहान को गिरफ्तार करके एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया. ये दोनों आरोपी मेरठ से पहले ही पकड़े जा चुके शाकिब के साथ मिलकर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे. इनका मुख्य उद्देश्य टेलीग्राम और वीडियो कॉल के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश करना और उन्हें हथियार चलाने की ट्रेनिंग देना था. इस नेटवर्क ने रेलवे सिग्नल खराब कर भीड़भाड़ वाली जगहों पर ब्लास्ट और हिंदू नेताओं की रेकी करने की योजना बनाई थी. पुलिस ने जांच में पाया कि विदेश में बैठे आकिब, मैजुल और आजाद इस पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधार हैं.

टेलीग्राम और वीडियो कॉल से रिक्रूटमेंट

इस टेरर मॉड्यूल की संरचना बेहद जटिल है. बिजनौर से पकड़े गए समीर उर्फ रोहान के पास से हथियारों की तस्वीरें और उन जगहों की लोकेशन मिली हैं जहां हिंसा फैलानी थी. समीर वीडियो कॉल के जरिए सऊदी अरब में बैठे आकिब और साउथ अफ्रीका के मैजुल व आजाद को हथियारों का प्रदर्शन करता था. वह बिजनौर में रहकर टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से नए युवाओं को जोड़ रहा था ताकि उन्हें राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा सके.

रेलवे ट्रैक और भीड़भाड़ वाले इलाके निशाने पर

दूसरी तरफ, राजस्थान से गिरफ्तार राजूराम गोदारा इस नेटवर्क के टेलीग्राम ग्रुप का एडमिन था. राजूराम ने निमिष रस्तोगी नामक व्यक्ति की गाड़ी जलाकर उसका वीडियो शाकिब को भेजा था. एटीएस ने खुलासा किया है कि शाकिब, अरबाब, विकास और लोकेश के साथ मिलकर ट्रेन सिग्नल सिस्टम को खराब कर बड़े नरसंहार की प्लानिंग कर रहा था. इन आरोपियों का मकसद भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करके पूरे प्रदेश में अराजकता फैलाना और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना था.

मास्टरमाइंड की खौफनाक मोडस ऑपरेंडी

जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड AK-47 और ग्रेनेड दिखाकर युवाओं को उकसाते थे. ये आरोपी यूपी के महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें खींचकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजते थे. एटीएस, एसटीएफ और यूपी पुलिस अब इनके इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मॉड्यूल से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारियां संभव हैं.

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