Headlines

RSS दफ्तर जासूसी केस में बड़ा खुलासा, गिरफ्तार आतंकियों ने लिए कई नाम, बाराबंकी-कुशीनगर लिंक सामने – Punjab rss office spying case big revelation pakistan Connection up ats ntc dhrj


उत्तर प्रदेश ATS की पूछताछ में एक के बाद एक बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं. बाराबंकी और कुशीनगर से गिरफ्तार दानियाल अशरफ और कृष्णा मिश्रा से पूछताछ में पता चला है कि RSS दफ्तर और थाने की रेकी की गई थी. वहां के फोटो और वीडियो भी पाकिस्तानी हैंडलर तक पहुंचाए गए थे. इतना ही नहीं, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई अन्य युवकों के नाम भी बताए हैं, जिसके बाद ATS अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है.

सूत्रों के मुताबिक, बाराबंकी का रहने वाला दानियाल अशरफ पंजाब में RSS कार्यालय और थाने के आसपास गया था. वहां की तस्वीरें और वीडियो उसने पाकिस्तानी हैंडलर को भेजीं. पूछताछ में यह भी सामने आया कि पुलिसकर्मियों पर हमले और थाने पर हैंड ग्रेनेड अटैक की ऑनलाइन ट्रेनिंग ली गई थी. यही वजह है कि ATS इस पूरे मामले को बेहद गंभीर मानकर जांच कर रही है.

पाकिस्तान कनेक्शन की जांच तेज

ATS ने दानियाल अशरफ और कृष्णा मिश्रा को 6 मई को गिरफ्तार किया था. दोनों से पुलिस कस्टडी रिमांड में लगातार पूछताछ चल रही है. जांच में यह बात सामने आई कि दोनों इंटरनेट मीडिया के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI एजेंटों के संपर्क में आए थे. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई अन्य युवकों के नाम भी बताए हैं. ATS अब उन नामों और उनके कनेक्शन की जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे.

जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों आरोपी पिछले करीब पांच महीनों से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे. ATS के मुताबिक, दोनों संवेदनशील और सुरक्षा से जुड़े इलाकों की रेकी कर रहे थे. जांच में रक्षा प्रतिष्ठानों और दूसरे अहम ठिकानों का भी जिक्र सामने आया है. ATS का यह भी कहना है कि दोनों आरोपी वर्दीधारियों की हत्या की साजिश रच रहे थे. इसी वजह से मामले को काफी गंभीर माना जा रहा है. फिलहाल एजेंसी दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है और उनसे मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

अब ATS की जांच इस बात पर टिकी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग और बाकी मदद कहां से मिल रही थी.
 

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *