उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मानसिक रूप से कमजोर (दिव्यांग) लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार अब इन लोगों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली मदद राशि को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके निर्देश दे दिए हैं, ताकि जरूरतमंदों को सहारा मिल सके. उनका पूरा जोर इस बात पर है कि सरकारी योजनाओं का फायदा हर उस दिव्यांग तक पहुंचे जो इसका असली हकदार है.
सरकार सिर्फ मदद राशि ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि दिव्यांगों की बाकी परेशानियां दूर करने के लिए खुद जिम्मेदारी संभाल रही है. अब यूपी के हर जिले में दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर (कैंप) लगाए जाएंगे. इन कैंपों के जरिए जरूरत के सामान बांटे जाएंगे. इसके साथ ही कॉक्लियर इम्प्लांट (सुनने में मदद करने वाली तकनीक) के काम में भी तेजी लाई जाएगी, ताकि बच्चों को समय पर इलाज मिल सके.
पढ़ाई-लिखाई पर विशेष ध्यान
सीएम योगी ने दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि इन बच्चों को बेहतर और क्वालिटी एजुकेशन मिलनी चाहिए. इसके लिए राज्य के विशेष विद्यालयों को और मजबूत किया जाएगा, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने के लिए अच्छा माहौल और सुविधाएं मिल सकें. इसी को देखते हुए सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानसिक रूप से दिव्यांग संवासियों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली अनुदान राशि 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये की जाए. इस फैसले का मकसद ऐसे लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद देना है, ताकि उन्हें बेहतर देखभाल मिल सके.
सीएम योग ने अधिकारियों से कहा कि दिव्यांग लोगों के लिए चल रही सभी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि किसी जरूरतमंद को सरकारी मदद से वंचित न रहना पड़े.
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