चीन में टाइफून डॉल्फिन का कहर, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, तेज हवाओं-बारिश से बढ़ी मुश्किलें – china typhoon dolphin red alert zhejiang fujian heavy rainfall NTC AKTW


चीन के पूर्वी तट पर टाइफून डॉल्फिन ने दस्तक दे दी है. तूफान की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रीय मौसम विभाग ने रविवार को रेड अलर्ट जारी किया. झेजियांग प्रांत के तटीय इलाकों में तूफान के पहुंचते ही तेज हवाओं और भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है.

मौसम विभाग ने साफ किया है कि डॉल्फिन का असर केवल समुद्र और तटीय इलाकों तक ही  सीमित नहीं रहेगा. यह तूफान आगे बढ़ते हुए चीन के कई हिस्सों में भारी बारिश करा सकता है. चीन के नेशनल मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (NMC) के मुताबिक, टाइफून डॉल्फिन के कारण झेजियांग प्रांत के सानमेन से लेकर  फुजियान प्रांत के फुडिंग के बीच पूर्वी तट पर लैंडफॉल हुआ. 

NMC के चीफ फोरकास्टर वांग हाइपिंग ने बताया कि तूफान से बारिश की तीव्रता और इसके खतरनाक असर के लंबे समय तक बने रहने की आशंका है. इस खतरे को देखते हुए रेड अलर्ट जारी करना जरूरी था.

टाइफून के चलते तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी तेज हवाएं और लगातार बारिश है. वहीं निचले इलाकों में पानी भरने से रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. 

200 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार के झोंके

पूर्वी चीन सागर, हांग्झू खाड़ी और झेजियांग के तटीय इलाकों में  हवाएं फोर्स 9 से 12 तक पहुंच सकती हैं. वहीं तूफान के केंद्र के पास झोंकों की रफ्तार फोर्स 15 से 16 तक जाने का अनुमान है. ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खुले में निकलना और समुद्र के आसपास जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है.

तमाम दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को लोगों को सुरक्षित रखने के लिए तैयारियां तेज करनी पड़ रही हैं.

लैंडफॉल के बाद भी कम नहीं हुआ खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक, जमीन पर पहुंचने के बाद डॉल्फिन धीरे-धीरे कमजोर होगा. लेकिन इसका असर कई दिनों तक बना रह सकता है.  इसके साथ ही गुरुवार से रविवार के बीच बीजिंग, तियानजिन, हेबेई इलाके के अलावा उत्तरी शेडोंग और लियाओनिंग में भारी बारिश होने की संभावना है.
इस खतरे को देखते हुए चीन ने गंभीर मौसम से निपटने के लिए अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया को लेवल-3 से बढ़ाकर लेवल-2 कर दिया है.

गौरतलब है, टाइफून के बनने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है. समुद्र का पानी गर्म होने पर बड़ी मात्रा में नमी ऊपर उठती है और कम दबाव का क्षेत्र बनता है. इसके बाद आसपास की हवाएं इस क्षेत्र की ओर तेजी से बढ़ती हैं. पृथ्वी के घूमने की वजह से घूमने लगती हैं. अगर समुद्र गर्म रहे और मौसम की बाकी परिस्थितियां अनुकूल हों, तो यही सिस्टम धीरे-धीरे ताकतवर होकर टाइफून में बदल जाता है.

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