अमेरिका और ईरान के बीच तल्खी खत्म नहीं हो रही है. ईरानी द्वीप पर अमेरिका के ताजा हमलों और तेहरान की ओर से पलटवार के बाद दोनों मुल्कों के बीच हो रही वार्ता अधर में लटक गई है. अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान को सख्त चेतावनी दी है.
वेंस ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की ओर से लगातार कमर्शियल जहाजों पर गोलीबारी की जा रही है. कुछ दिनों पहले ईरान ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था कि वे जहाजों पर फायरिंग बंद कर देंगे. इसके बाद भी वहां हमले हो रहे हैं. ऐसे में जब तक ईरान फायरिंग बंद नहीं करता, तब तक उससे बातचीत नहीं होगी.
मीडिया से बातचीत में वेंस ने गुरुवार को कहा, जब ईरानी जहाजों पर हमला करते हैं, तो जाहिर है कि कुछ जहाज उस रास्ते से गुजरना नहीं चाहते. खतरों के बीच भी कुछ जहाज वहां से गुजर रहे हैं. इसके बावजूद कि ईरानी जहाजों पर हमले जारी रखे हुए हैं.
ईरान के लिए हमारा संदेश बिल्कुल सरल है. शुरुआत से हमारा यही मैसेज रहा है. ईरान को जहाजों पर फायरिंग बंद करनी होगी. जहां तक बातचीत का सवाल है, राष्ट्रपति ट्रंप बिल्कुल स्पष्ट रहे हैं. हम उनसे बातचीत नहीं कर रहे हैं. तब तक वार्ता नहीं होगी, जब तक वे जहाजों पर गोलीबारी बंद नहीं करते.
तेल संकट को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘दुनिया में किसी और ने क्या किया है? यह जिम्मेदारी केवल अमेरिका की ही क्यों हो कि वह दुनिया के ऊर्जा बाजारों में आपूर्ति बनाए रखे? इसका जवाब यह है कि अमेरिका ही एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास ऐसा करने की क्षमता है’.
ईरान के पलटवार पर उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि उनकी (ईरान) क्षमताएं हर दिन कमजोर हो रही हैं. होर्मुज पर उनका नियंत्रण प्रभावी रूप से खत्म हो चुका है’.
ईरान चाहता है कि होर्मुज से कोई तेल टैंकर ना निकले. लेकिन बुधवार रात 1.5 करोड़ बैरल तेल लेकर जहाज वहां से गुजरे. यह अमेरिका की वजह से हुआ. अगर हम ऐसा नहीं करते, तो कोई और नहीं करता. अगर हम नहीं करते तो ऊर्जा संकट खड़ा हो जाता.
जब वेंस से पूछा गया कि क्या ईरान से अमेरिकी नागरिकों को खतरा है, उन्होंने कहा, ‘ऐसी करने की ईरान की क्षमता काफी सीमित है. मुझे अन्य देशों की ओर से होने वाले साइबर हमलों की ज्यादा चिंता होगी. फिर भी हम इस तरह के खतरों से आगे रहने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं’.
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